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विश्व कला जगत में अपनी धाक जमाने वाले मल्टी आर्ट सेंटर भारत भवन की साख दांव पर

भारत भवन के विभिन्न प्रभागों की गतिविधियों पर होता है सालाना 3 करोड़ रुपए खर्च

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विश्व कला जगत में अपनी धाक जमाने वाले मल्टी आर्ट सेंटर भारत भवन की साख दांव पर

विश्व कला जगत में अपनी धाक जमाने वाले मल्टी आर्ट सेंटर भारत भवन की साख दांव पर

भोपाल। विश्व पटल पर कला, रंगकर्म की गतिविधियों से अपनी साख बनाने वाले मल्टी आर्ट सेंटर भारत भवन की साख संस्कृति विभाग के निर्णय से दांव पर लग सकती है। कला का मंदिर कहे जाने वाले भारत भवन के बजट में विभाग ने 22.5 फीसदी की कटौती कर दी है। इसका सीधा असर यहां की गतिविधियों पर पड़ेगा। पहली बार कटौती हुई है, जबकि पहले हर साल बढ़ोतरी होती थी।
3 करोड़ से घटकर 75 लाख का बजट: भारत भवन में रुपंकर, वागार्थ, रंगमंडल, अनहद, छवि और निराला सृजनपीठ प्रभाग हैं। रुपंकर में मॉर्डन आर्ट गैलेरी, ट्राइबल एण्ड फोक आर्ट गैलेरी, सिरेमिक वर्कशॉप और ग्राफिक्स वर्कशॉप है। वहीं, वागार्थ की ओर से कथा पाठ, कहानी पाठ और काव्य पाठ के तहत की आयोजन होते हैं। रंगमंडल की ओर से नाट्य समारोह और अतिथि नाट्य प्रस्तुतियां का आयोजन किया जाता है तो छवि प्रभाग फिल्मों का प्रदर्शन करता है। अनहद भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य, फोक और ट्राइबल कल्चर को बढ़ावा देने के लिए आयोजन करता है। पिछले वित्तीय वर्ष तक इन प्रभागों के आयोजन के लिए करीब 3 करोड़ का बजट था, जो अब घटकर 75 लाख रुपए ही रह गया है।

वल्र्ड पोएट्री सेंटर के लिए फंड नहीं मिला
तत्कालीन एसीएस मनोज श्रीवास्तव ने घोषणा की थी कि यहां वल्र्ड पोएट्री सेंटर की स्थापना की जाएगी। साथ ही बाहरी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। घोषणा के बाद वल्र्ड पोएट्री सेंटर की स्थापना के लिए कभी फंड ही अलॉट नहीं किया गया, जबकि इसमें विभिन्न देश-विदेश लेखकों की पुस्तकों का अनुवाद, किताबों की पब्लिशिंग और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के समारोह का आयोजन होना था।
राष्ट्रीय समारोह पर होगा असर
भारत भवन का पिछले वित्तीय वर्ष में बजट करीब 10 करोड़ रुपए था। इस बार बजट में करीब 2.25 करोड़ रुपए की कटौती की गई है। भारत भवन कर्मचारियों के वेतन पर ही हर साल करीब 5.50 करोड़ का खर्च आता है, वहीं चाल्र्स कोरिया द्वारा डिजाइन की गई इस नायाब इमारत के रखरखाव पर ही 20 से 30 लाख का खर्च किया जाता है। अन्य व्यय मिलाकर करीब 7 करोड़ रुपए का खर्च होता। बजट में कटौती होने का सीधा असर यहां होने वाले राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय तरह के समारोहों पर पड़ेगा। अगले कुछ माह में भारत भवन ट्रस्ट्र और प्रशासन को हर साल होने वाले बड़े समारोह भी टालने पड़ सकते हैं। विभाग अभी गांधीजी की 150वीं वर्षगांठ पर 2 से 6 अक्टूबर तक बड़े आयोजन की योजना बना रहा है।

नई इमारत पर होगा एक करोड़ का खर्च
भारत भवन में अभी नई इमारत का निर्माण चल रहा है। यहां फिल्म, पोएट्री, इंटरव्यू और ओपन माइक जैसी गतिविधियां का संचालन होगा। इसके डेकोरेशन व अन्य कामों पर करीब एक करोड़ खर्च होगा। प्रबंधन बारिश के बाद अंतरंग के साथ बहीरंग में भी समारोह करने पर विचार कर रहा है। मुक्ताकाश होने के यहां ज्यादा खर्च होता है। ऐसे में यह प्लानिंग भी स्थगित हो सकती है। इस बारे में जब विभाग के प्रमुख सचिव पंकज राग से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने सवाल टाल दिया।

2.25 करोड़ रुपए की कटौती हुई है
भारत भवन के बजट में करीब 2.25 करोड़ रुपए की कटौती हुई है। पिछले वित्तीय वर्ष तक विभिन्न आयोजनों पर 3 करोड़ रुपए खर्च होता था। आयोजनों पर किसी तरह का असर न हो, इसके लिए हमने विभाग से बजट की मांग की है। इसे लेकर हमें आश्वासन भी मिला है। किन आयोजन पर बजट कटौती का असर होगा। अभी यह नहीं कह पाऊंगा।
प्रेमशंकर शुक्ला, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, भारत भवन