सीहोर। साहब आपरेशन के लिए महिला डॉक्टर ने 20 हजार रुपए लिए, आपरेशन भी किया, लेकिन इसके बाद से ही महिला की हालत लगातार खराब होती गई। शुक्रवार सुबह से महिला को सांस लेने में समस्या हो रही थी, लेकिन इलाज करने की बजाए एक्सरे कराने के नाम पर हमे ट्रामा सेंटर पहुंचा दिया गया। यहां के डॉक्टरों ने गेट पर ही हमारी बहू को मृत घोषित कर दिया। साहब इलाज के नाम पर हमारे साथ धोखा किया गया। यह आरोप एक निजी अस्पताल से रेफर की गई एक महिला की ट्रामा सेंटर के गेट पर मौत होने के बाद परिजन ने लगाए।
ग्राम कुमेर तहसील कालापीपल की संगीता पत्नी बलवीर सिंह ठाकुर (30) के बच्चेदानी का आपरेशन महिला डॉक्टर रेखा भाटी द्वारा आपरेशन फीस और नर्सिंग होम के चार्ज के नाम पर 20 हजार रुपए लेकर किया गया था। महिला के पति बलवीर और जेठ चांद सिंह ठाकुर ने बताया कि सोमवार को आपरेशन के बाद से ही संगीता की हालत खराब हो रही थी। शुक्रवार सुबह से उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। डॉक्टर रेखा को दिखाया तो उन्होंने एक महिला कर्मचारी के साथ अमित एक्सरे पर भेज दिया, यहां संगीता को बेहोशी छाने लगी।
ट्रामा सेंटर से एक किमी दूर है पोस्टमार्टम रूम
शव वाहन के अभाव में परिजन को महिला के शव को बीच बाजार स्ट्रेचर पर रखकर पोस्टमार्टम रूम तक लाना पड़ा। ट्रामा सेंटर गेट से लेकर पोस्टमार्टम रूम की दूरी लगभग एक किलोमीटर है। इस एक किलोमीटर के रास्ते में गंगा आश्रम क्षेत्र, नदी चौराहे का व्यस्त मार्ग शामिल है।
हमारी बात हो गई, तुम अस्पताल ले जाओ
चांद सिंह ने बताया कि एक्सरे कराने के दौरान संगीता की हालत बिगड़ गई थी। हमने महिला डॉक्टर रेखा भाटी को फोन लगाया, तो उन्होंने किसी डॉ गुप्ता से बात होने की जानकारी देते हुए जिला अस्पताल लेकर जाने को कहा। हम ट्रामा सेंटर की ओपीडी में लेकर पहुंचे थे, यहां डयूटी डॉक्टर ने हाथ लगाते ही संगीता को मृत घोषित कर दिया। मृतका के परिजन ने ऑपरेशन और उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप महिला डॉक्टर और स्टाफ पर लगाया है। महिला के पति ने कोतवाली पुलिस को दिए आवेदन में महिला डॉक्टर व स्टाफ के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इधर पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतक महिला का पोस्टमार्टम करवाया है। कोतवाली टीआई अजय नायर ने बताया कि पीएम रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार संतोष मुद्गल ने भी परिजनों के बयान दर्ज किए।
मेरी पत्नी का उपचार निजी नर्सिंग होम में चल रहा था, लेकिन हमें गलत जानकारी देकर सरकारी अस्पताल भेज दिया गया, यदि आपरेशन के बाद उसका सही इलाज होता तो वह आज जिंदा होती। हमने चिकित्सक ओर स्टाफ के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है। इलाज में लापरवाही ने मेरी पत्नी की जान ले ली।
बलवीर सिंह ठाकुर, मृतक महिला का पति
आपरेशन किया था। इसके बाद से इसकी हालत में सुधार हो रहा था। आज सुबह से कुछ समस्याएं उसे सामने आईथी, मेडिकल का केस होने से एक्सरे के बाद जिला अस्पताल में मेडिकल विशेषज्ञ डॉ वर्मा को दिखाने का परिजन को बोला था। हमारी तरफ से उपचार में कोई कमी नहीं की गई। आरोप बेबुनियाद हैं।
डॉ रेखा भाटी, महिला डॉक्टर
शव वाहन को लेकर वरिष्ठ अधिककारियों को अवगत करा दिया गया है। क्षेत्रीय सांसद द्वारा भी अस्पताल को शव वाहन उपलब्ध करवाया जा रहा है। जल्द ही यह समस्या खत्म हो जाएगी।
डॉ. गिरीश जोशी, सिविल सर्जन