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पशुओं और डॉग का रजिस्ट्रेशन करना होगा अनिवार्य, नहीं कराने पर लगेगी दस गुना पेनाल्टी

यदि आपने घर पर गाय-बैल, कुत्ता या अन्य मवेशी पाल रखे हैं, तो उनका रजिस्ट्रेशन नगरपालिका में करना अनिवार्य होगा।

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पशुओं और डॉग का रजिस्ट्रेशन करना होगा अनिवार्य, नहीं कराने पर लगेगी दस गुना पेनाल्टी

Registration of animals and dogs will be mandatory, ten times penalty will be imposed if not done

बैतूल। यदि आपने घर पर गाय-बैल, कुत्ता या अन्य मवेशी पाल रखे हैं, तो उनका रजिस्ट्रेशन नगरपालिका में करना अनिवार्य होगा। यदि रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया तो आपको रजिस्ट्रेशन शुल्क की दस गुना पेनाल्टी भरना पड़ सकती है। सरकार ने रजिस्ट्रीकरण तथा आवारा पशुओं का नियंत्रण नियम 2023 लागू कर दिया है। वहीं आवारा पशुओं व श्वान के पकड़े जाने पर भी पेनाल्टी लगाए जाने का प्रावधान किया गया है।बताया गया कि उच्च न्यायालय ने याचिकाओं की सुनवाई करते हुए आवारा पशुओं के नियंत्रण के संबंध में नगरीय निकायों द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर असंतोष व्यक्त किया था और स्थायी समाधान के निर्देश दिए थे। जिसके बाद सरकार ने रजिस्ट्रीकरण तथा आवारा पशुओं का नियंत्रण नियम 2023 लागू प्रदेश में लागू कर दिया है।

रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो देगा होगी दस गुना पेनाल्टी
पशुओं के रजिस्ट्रेशन एवं नवीनीकरण को लेकर जो गजट नोटिफिकेशन जारी हुआ है उसमें नगरपालिका सीमा में रखे गए या लाए गए प्रत्येक पशु का स्वामी इन नियमों के अधिसूचित होने के तीन माह के भीतर अथवा नगरपालिका सीमाओं में लाए जाने पर 7 दिवस के भीतर पशु का रजिस्ट्रेशन नगरपालिका में कराना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर पशु पालक को रजिस्ट्रेशन शुल्क का दस गुना जुर्माना भरना पड़ेगा।

एक वर्ष की अवधि के लिए होगा रजिस्ट्रेशन
पशुओं का रजिस्ट्रेशन एक वर्ष की अवधि के लिए ही मान्य होगा। रजिस्ट्रीकरण अवधि की समाप्ति के बाद पशु पालक को तीस दिनों की अवधि के भीतर नवीनीकरण के लिए प्रारूप क में आवेदन करना होगा। यदि निर्धारित अवधि में नवीनीकरण नहीं कराया जाता है तो प्रत्येक दिन लिए रजिस्ट्रीकरण शुल्क के 10 प्रतिशत की दस से जुर्माना अधिरोपित किया जाएगा। रजिस्ट्रीकरण के पश्चात पशु चिकित्सक की देखरेख में पशु माइक्रोचिप अथवा टैग या किसी अन्य अनुज्ञेय साधनों द्वारा ब्रांडिंग कोड लगवाएगा। जिसमें पशु पालक की विस्तृत जानकारी अंतर्विष्ट हो। ब्रांडिंग कोड को नगरपालिका के रजिस्ट्रीकरण अभिलेख में भी दर्ज किया जाएगा। ब्रांडिग कोड की लागत पशु पालक से वसूली जाएगी।