15 जून से खुलेंगे धार्मिक स्थल, इन प्रतिबंधों के साथ जारी हुए आदेश

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी भोपाल तरुण कुमार पिथोड़े ने धारा 144 अंतर्गत संशोधित आदेश जारी कर जिले के केंटेन्मेंट क्षेत्र के बाहर के सभी धार्मिक स्थलों को खोंलने की अनुमति दी है।

By: Faiz

Updated: 13 Jun 2020, 11:41 PM IST

भोपाल/ कोरोना संक्रमण के बीच केन्द्र सरकार की ओर से किये गए अनलॉक के बाद मध्य प्रदेश में धीरे धीरे व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन दिनों एमपी में कोरोना संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले राजधानी भोपाल में सामने आ रहो हैं। बावजूद इसके कुछ प्रतिबंधों के साथ 15 जून 2020 से सभी कंटेनमेंट जोन को छोड़कर जिले के धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दी गई है।

 

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इन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध

इस दौरान श्रद्धालुओं को मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरजाघर आदि धर्म स्थलों में मूर्ति, धार्मिक ग्रंथ या कोई भी अन्य सार्वजनिक वस्तु को छूने की अनुमति नहीं रहेगी। इसके अलावा, प्रसाद, चरणामृत, छिड़काव आदि का वितरण वर्जित रहेगा। फूल, नारियल, अगरबत्ती, चादर चूनरी आदि चढ़ाने एवं घंटी बजाने की अनुमति भी आगामी आदेश तक नहीं होगी।

 

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बैठक में हुई इस बात पर चर्चा

आज पुलिस कंट्रोल रूम में धर्मगुरुओं के साथ बैठक में सर्वानुमति से धर्मस्थल खोंलने के लिए सभी स्वास्थ विभाग द्वारा जारी एसओपी का पालन करने पर सहमति दी गई है। बैठक के दौरान भोपाल कलेक्टर ने कहा कि, सभी धार्मिक स्थलों से फिजिकल डिस्टेंस मेंटेन रखने, मास्क लगाने और सैनिटाइज का इस्तेमाल करने की सूचना देना धर्मस्थल प्रबंधक का दायित्व होगा। इस दौरान डीआईजी इरशाद वली ने कहा कि, धर्मगुरुओं और समाज सेवियों की जिम्मेदार नागरिक होने का काम करना है सभी को इस बारे में विस्तृत बताना है। इसके लिए सभी धार्मिक स्थलों पर शासन द्वारा जारी दिशा निर्देश चस्पा किये जाएंगे। सभी धार्मिक स्थल रात्रि 9 बजे के पहले बन्द करने होंगे।

 

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इन बातों का करना होगा कड़ाई से पालन

सभी धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के समारोह का आयोजन और अधिक भीड़, बड़ी संख्या में लोगों को एकत्र होने एवं कॉयर, सिंगिंग, गुरूवाणी गाने की अनुमति नहीं रहेगी। मस्जिदों में अपने अपने घरों से बुजू करके आना अनिवार्य होगा। अभिवादन के लिये एक दूसरे को स्पर्श करना प्रतिबंधित होगा। 6 फीट फिजीकल डिस्टेंस का पालन करना अनिवार्य होगा। अगले आदेश तक कंटेनमेंट जोन में आने वाले सभी धार्मिक प्रतिष्ठान, पूजा स्थल बंद रहेंगे। सिर्फ कंटेनमेंट एरिया के बाहर के स्थलों में ही प्रवेश की अनुमति होगी।

 

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सुरक्षा का रखें इस तरह ध्यान

सभी धार्मिक प्रतिष्ठानों के प्रवेश द्वार पर हैंड हायजीन के लिये सैनेटाईजर डिस्पेंसर औ थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करनी होगी। लक्षण रहित व्यक्तियों, सर्दी, खांसी, बुखार न होने पर ही परिसर में प्रवेश की अनुमति रहेगी। कोविड-19 संक्रमण से बचाव संबंधी प्रसार सामग्री का प्रदर्शन प्रमुखता से हो ऑडियो एवं वीडियो क्लिप द्वारा बचाव संबंधी सावधानियां का प्रसारण बार-बार सुनिश्चित करें। जूते, चप्पल स्वयं के वाहन में खोल कर आने की समझाईश दें। परिसर के बाहर एवं पार्किंग एरिया में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करवाना धार्मिक प्रतिष्ठान संचालकों को अनिवार्य है।

 

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इन चीजों से संक्रमण फैलने का अधिक

सोशल डिस्टेंसिंग के लिए कतार की लाईन में गोले के निशान बनाये। प्रवेश के लिये कतार में कम से कम 6 फीट की दूरी सुनिश्चित करें। बैठने की व्यवस्था इस तरह करें जिससे सोशल डिस्टेंसिंग नॉर्मस का पालन हो। धातु से बनी वस्तुएं जैसे- रेलिंग, नल, दरवाजे के हेंडल आदि को बार-बार सैनिटाइज करना होगा। परिसर में भूमि की सफाई विशेष रूप से बार-बार हो। किसी भी संदिग्ध मरीज के मिलने पर तुरंत उसकी सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकरी को दें। जब तक चिकित्सा अधिकारी न पहुंचे तब तक संदिग्ध व्यक्ति को अलग कमरे में रखा जाए।

 

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लोगों को करना होगा इन नियमों का पालन

सार्वजनिक स्थानों पर, अनिवार्यता आपस में 6 फीट की दूरी रखी जाए। चेहरे को मास्क/फेस कवर करना अनिवार्य होगा। हाथों को साबुन से कम से कम 40-60 सेकेंड तक हाथ धोना और 20 सेकेंड तक सैनिटाईजकरना जरूरी है। छींकते, खांसते समय मुंह को रूमाल, टिश्यू पेपर, कोहनी से ढांके एवं टिश्यू पेपर का ठीक से निस्तारण करें। स्वयं के स्वास्थ्य की निगरानी करें, बीमारी के लक्षण होने पर तत्काल जिले की हेल्पलाईन पर संपर्क करें। थूकना सर्वथा वर्जित है। आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड करें।

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