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डेढ़ साल से चलने को तरस र​हे दाे व्यक्ति, अब रोबोटिक सर्जरी से एक दिन में चलने लगेंगे

- रोबोटिक सर्जरी: डेमो में दो का नि:शुल्क इलाज - जीएमसी के ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. सुनीत टंडन की निगरानी में होगी सर्जरी

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भोपाल। दो ऐसे लोग जो पिछले एक से डेढ़ साल से आर्थिक रूप से कमजोर होने के चलते बिस्तर पर थे, अब एक दिन में चलने लगेंगे। दो हफ्ते में पूरी तरह स्वस्थ होकर नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे। ऐसा शुक्रवार को हमीदिया अस्पताल में होने जा रही, नी और हिप की रोबोटिक रिप्लेसमेंट सर्जरी से होने जा रहा है। नी व हिप की आम रिप्लेसमेंट सर्जरी में करीब पांच लाख रुपए का खर्च आता है। इसमें मरीज को पूरी तरह स्वस्थ होने में लगभग डेढ़ से दो महीने का समय लगता है।

यह सर्जरी हमीदिया के ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. सुनीत टंडन की निगरानी में हैदराबाद से आए डॉ. आदर्श अन्नपा रेड्डी करेंगे। जिनके सहयोग में डॉ. अभिषेक पाठक, डॉ. ज़ुबैर और डॉ. संतोष मिश्रा मौजूद रहेंगे। निश्चेतना विभाग से डॉ. शिखा, डॉ. सुरेंद्र और डॉ. विकास शामिल रहेंगे।

वहीं दो मरीजों की आज होगी रोबोटिक सर्जरी-
शुक्रवार को होने जा रही दो मरीजों की रोबोटिक सर्जरी में से एक की सुबह 9 बजे हिप रिप्लेसमेंट तो दूसरे की दोपहर 2:30 बजे नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की जाएगी। एक सर्जरी में करीब 2 घंटे लगने का अनुमान है।

इसका लाइव प्रसारण सेंट्रल जोन इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के वार्षिक सम्मेलन में देशभर से आए 250 ऑर्थोपेडिक सर्जनों के लिए किया जाएगा। तीन दिन के सम्मेलन के बाद रोबोटिक मशीन चली जाएगी।

सम्मेलन में मप्र के अलावा राजस्थान, उप्र, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के सर्जन आएंगे। साथ ही लंदन से डॉ. शिवकुमार गोयल, डॉ. हेमंत शर्मा व डॉ. राधाकांत पांडेय आ रहे हैं। इसके अलावा डॉ. जॉनकॉन रॉय व डॉ. पीटर बेट्स वर्चुअली शामिल होंगे।

दो से तीन महीनों से चल रही कवायद: सर्जरी के लिए लगभग दो से तीन महीने से कवायद चल रही है। इस तकनीक के माध्यम से मरीज की सर्जरी के दौरान चीरा बेहद कम लगाना पड़ता है। साथ ही रोबोट की मदद से लगभग एक्यूरेट हड्डी काटी जाती है। जिससे मरीज इस सर्जरी के जरिए जल्द ही डिस्चार्ज और स्वस्थ हो जाता है। साथ ही ऑपरेशन फेल होने की गुंजाइश भी न के बराबर होती है।