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एमपी में 414 करोड़ रूपए का घोटाला? CAG की रिपोर्ट में खुलासा, केंद्रीय योजना से जुड़ा है मामला

CAG Report: मध्य प्रदेश में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) पर निकाली एक रिपोर्ट में आशंका जताई है कि ठेकेदारों ने बिटुमिन खरीद में करोड़ों का घोटाला किया है।

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भोपाल

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Akash Dewani

Jan 26, 2025

Rs 414 crore scam in PMGSY says CAG Report

CAG Report: मध्य प्रदेश में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने अपनी रिपोर्ट में बड़े घोटाले की आशंका जताई है। कैग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत ठेकेदारों ने बिटुमिन की खरीद में करोड़ों का घोटाला किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ठेकेदारों ने सरकारी रिफाइनरियों के फर्जी चालान पेश किए। यह घोटाला करीब 414 करोड़ रूपए का बताया गया है। कैग (CAG) ने योजना के क्रियान्वयन में भी गंभीर गड़बड़ी की आशंका जताई है।

रिपोर्ट में कैग ने बताया है कि, योजना के साल 2021-22 की गतिविधियों के ऑडिट में पता चलता है कि प्रदेश के 49 जिलों में 75 PIUs में से 71 में ठेकदारों ने बिटुमिन खरीद के लिए फर्जी चालान जमा किए है। इनका मूल्य करीब 414 करोड़ रूपए था। इसके अलावा, ठेकेदारों ने एक ही चालान को दो या तीन बार पेश किया और फिर प्राइवेट रिफाइनरियों से बिटुमिन खरीदकर सरकार के साथ धोखाधड़ी की। कैग की रिपोर्ट के अनुसार, 9903 चालानों की जांच से यह पता चला कि उनमें से 3,389 चालान फर्जी थे।

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विभागों ने नहीं की कार्रवाई

कैग ने अपनी रिपोर्ट में यह भी खुलासा किया ठेकेदारों द्वारा गलत और फर्जी चालान पेश करने से गैर-मौजूद बिटुमिन खरीद के लिए 32.47 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था। इसे लेकर संबंधित विभाग ने गलत कागजात पेश करने वाले दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की और ना ही उनके टेंडरों को रद्द किया है। इस मामले में एमपी ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA) ने अपने काम करने के तरीकों का बचाव किया है। उनका कहना है कि यह इंडिपेंडेंट मॉनिटर और एनएबीएल लैब गुणवत्ता और मात्रा की पुष्टि करती है। हालांकि, कैग ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि चालान के वैरिफिकेशन में सही सावधानी बरतने से धोखाधड़ी को रोका जा सकता था।