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आरटीई : एक लाख 39 हजार छात्रों का हुआ दाखिला, 33 हजार कर रहे एडमिशन का इंतजार

स्कूल दाखिला न दें तो डीईओ और डीपीसी से करें शिकायत

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right to education

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भोपाल. शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत 15 जुलाई को शुरू हुई दाखिले की प्रक्रिया को एक सप्ताह हो चुका है। इस दौरान प्रदेश में एक लाख 39 हजार से ज्यादा बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला मिल चुका है। वहीं करीब 33 हजार छात्र ऐसे हैं जिनका चयन तो हो चुका है लेकिन अब तक प्रवेश नहीं मिला। ऐसे में राज्य शिक्षा केंद्र ने आदेश जारी कर ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं, जो बच्चों की एडमिशन फीस मांग रहे हैं या फिर एडमिशन देने में आनाकानी कर रहे हैं। राज्य शिक्षा केन्द्र के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभिभावक इसकी शिकायत जिला शिक्षा कार्यालय में डीईओ एवं जिला परियोजना अधिकारी से कर सकते हैं।

अब तक नहीं मिले मैसेज
इधर तमाम दावों के बावजूद अब तक कई अभिभावकों को बच्चों के दाखिले के मैसेज नहीं मिले। ऐसे में अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारियों से जानकारी ले रहे हैं। वहीं 61 हजार 579 आवेदक ऐसे हैं, जिनके बच्चों को सीटों का आवंटन नहीं हो सका है। इन अभिभावकों को बच्चों के दाखिले के लिए अब दोबारा च्वाइस फिलिंग करनी होगी। राज्य शिक्षा केंद्र जल्द स्कूलों की सूची जारी करेगा।

प्रदेश में 2.7 लाख सीटें
प्रदेश में 26718 स्कूलों में आरटीई के तहत 278587 सीटों को शामिल किया गया है। इन पर दाखिले के लिए 175742 छात्रों ने आवेदन किए थे जिनमें से 139725 सीटों पर दाखिले दिए जा चुके हैं। राजधानी की स्थिति में यहां कुल 20 हजार 117 अभिभावकों ने निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिले के लिए आवेदन किया था, इसमें से 17 हजार 360 बच्चों के दस्तावेजों का सत्यापन हो सका, 2 हजार 757 छात्र-छात्राओं के दस्तावेजों का सत्यापन न होने के लिए उन्हें लॉटरी में शामिल नहीं किया गया। शहर में अब तक 15 हजार से ज्यादा दाखिले हो चुके हैं।