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सूर्यदेव को जल चढाते समय न करें ये गलती, वरना आपके हिस्से आएगा केवल पाप

रविवार को माना जाता है सूर्यदेव का दिन। यदि सूर्य देव को चढ़़ाते हैं जल  तो कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखें, अन्यथा आपको आशीर्वाद की जगह पाप लग सकता है।
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Deepesh Tiwari

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Updated: 22 Jul 2017, 7:41 PM IST

puja of suryadev

giving water to sun


भोपाल। यूं तो तो भगवान सूर्यदेव को हर रोज ही जल चढ़ाया जाता है, साथ ही उनकी पूजा भी की जाती है। लेकिन मान्यता है कि रविवार के दिन सूर्यदेव को जल चढ़ाने के बहुत सारे लाभ मिलते हैं। रविवार के दिन भगवान सूर्य की पूजा का विधान है। यह मान-सम्मान और सुख-समृद्धि दिलाने वाला दिन है।

पंडित सुनील शर्मा के अनुसार इस दिन सही नियम से जल चढ़ाने से कुंडली के सारे दोष सूर्य देव की कृपा से समाप्त हो जाते हैं। इस दिन दान का भी विशेष महत्व है। दान में तांबे का बर्तन, पीले व लाल वस्त्र, गेंहू, गुड़, मोती, लाल चंदन आदि का दान करें। अपनी श्रद्धानुसार इनमें से किसी भी चीज का दान करें।



मान्यता है कि सूर्य देव की पूजा करने और जल चढ़ाने वाला व्यक्ति अपने शत्रुओं पर विजय पा लेता है। इतना ही नहीं सूर्य देव की पूजा से व्यक्ति के भाग्य में विशेष राजयोग भी बनता है। इसके अलावा यदि आप रोज सूर्य देव को जल चढ़़ाते हैं तो कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखें, अन्यथा आपको आशीर्वाद की जगह पाप लग सकता है।

सूर्यदेव को जल अर्पित करते समय जरूरी बातें -
- सूर्यदेव को तांबे के पात्र से ही जल दें। जल देते समय दोनों हाथों से तांबे के पात्र को पकड़े।
- सूर्य को जल अर्पित करते हुए उसमें पुष्प या अक्षत (चावल) जरूर रखें।
- दोनों हाथों से सूर्य को जल देते हुए ये ध्यान रखें की उसमें सूर्य की किरणों की धार जरूर दिखाई दे।
- पूर्व दिशा की ओर ही मुख करके ही जल देना चाहिए।



- जल देते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह जल आपके पैरों पर न गिरे।
- यदि किसी दिन ऐसा हो कि सूर्य देव नजर ना आ रहे हों तो पूर्व दिशा की ओर मुख करके जल दें।


सूर्यदेव के गुस्से से ऐसे बचें:
सूर्यदेव रोशनी और उर्जा के देवता हैं। वैदिक काल से ही सूर्य को एक विषेश स्थान दिया गया है। साथ ही इन्हें आदि पंच देवों में भी शामिल किया जाता है, वहीं कल्युग में सूर्यदेव ही प्रत्यक्ष देव माने जाते हैं।

जानकारों का मानना है कि यदि आप अपने जीवन में उर्जा चाहते हैं तो सूर्य के वार यानि रविवार को कुछ चीजों को ना करें। हिंदू धर्म में हर भगवान का कोई न कोई वार होता है, ऐसे में रविवार को भगवान सूर्य का वार माना जाता है। भगवान सूर्य नौ ग्रहों के राजा हैं और रोशनी और उर्जा के प्रतीक हैं।




जहां सूर्य इंसान के अंदर भाग्य और तेज को बढ़ाने वाला होता है वहीं वैदिक शास्त्रों में सूर्य की कई हानिकारक प्रकृति के बारे में भी बताया गया है। जिससे सीधा इंसान का जीवन प्रभावित होता है।

रविवार को नहीं खानी चाहिए ये चीजें:
रविवार के दिन कुछ चीजों को नहीं खाना चाहिए। खासतौर से उन लोगों के लिए तो यह जरूरी है जिनकी जन्म पत्रि में सूर्य का प्रभाव होता है।

इन चीजों को खाने से भगवान सूर्य देते हैं परेशानी:

1. प्याज का सेवन:
प्याज भी तामस वाली चीज है। भगवान सूर्य को प्याज चढ़ाया भी नहीं जाता है और माना जाता है कि रविवार के दिन इसे खाने से इसके इसके गलत असर शरीर पर पड़ता है।

2. मसूर की दाल :
रविवार के दिन मसूर की दाल नहीं खानी चाहिए। इस दाल से सूर्य देव इंसान पर गंभीर प्रभाव डालते हैं।

3. मछलियां
मान्यता है कि सूर्य देव उस इंसान पर कई तरह के रोग देते हैं जो रविवार के दिन मछली का सेवन करते हैं। क्योंकि यह मांस होता है। जिससे भगवान सूर्य कुपित होते हैं।

4. लाल रंग की सब्जी
लाल रंग सब्जी या साग भी भूलकर रविवार के दिन नहीं खाना चाहिए।




5. लहसुन
लहसुन को तामस का प्रतीक माना जाता है। रविवार के दिन लहसुन खाने से इंसान को गंभीर रोग हो सकते हैं।

(नोट - रविवार को आप नमक न खाकर केवल मीठे पदार्थों का ही सेवन करें तो यह ज्यादा श्रेष्ठ माना जाता है।)