आज भी याद करते हैं ग्वालियरवासी
यूं तो इस शतक को 6 वर्ष पूरे हो गए है, लेकिन सचिन की यादें अभी भी ग्वालियर के लोगों के जहन में ताजा है। हो भी क्यों न। क्योंकि ऐसे रिकार्ड बनने में कई दशक लग जाते है। 24 फरवरी का वो दिन, कैप्टेन रूप सिंह स्टेडियम, ग्वालियर का एक हजार वर्ष पुराना ऐतिहासिक दुर्ग, स्टेडियम में मौजूद 22 हजार से ज्यादा दर्शक और टीवी पर सांसें रोककर खेल देख रहे करोड़ों देशवासी, ग्वालियर में उस क्षण के गवाह बने, जब मास्टर बलास्टर सचिन तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीका के लांगवेल्ट की गेंद पर एक रन लिया, जैसे ही उनके बल्ले ने 200 का जादुई आंकड़ा छू लिया ये पारी इतिहास में एक नई इबारत लिख दी गई।
175 पर पहुंचते ही 200 के बारे में सोचने लगे थे सचिन
शतक बनाने के बाद सचिन ने कहा था कि ,175 रन के स्कोर पर पहुंचने के बाद वे 200 के आंकड़े के बारे में सोचने लगे थे। इस बात का उल्लेख सचिन ने अपनी बायोग्राफी में भी किया है। उन्होंने लिखा है कि दोहरा शतक बनाने के बाद मैं रात भर इसी के बारे में सोचता रहा और सो नहीं पाया। इस दिन सचिन की उपलब्धि के साथ ही ग्वालियर का नाम हमेशा के लिए क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिख गया।
ये भारतीय भी लगा चुके हैं दोहरा शतक
-रोहित शर्मा ने दोहरा शतक बनाने का कारनामा दो बार किया है।
-पहले रोहित ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ 209 रन औऱ बाद में श्रीलंका के खिलाफ 264 रन बनाए थे।
-भारत के ही वीरेन्द्र सहवाग ने भी वेस्ट इंडीज के खिलाफ 219 रन बनाए थे।
इस महिला क्रिकेटर ने भी लगाया था दोहरा शतक
वैसे तो क्रिकेट में आंकड़ो को लेकर कई पेचीदगी दिखती है। लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि ऑस्ट्रेलिया की महिला क्रिकेटर बेलिंडा क्लार्क ने 1997 में अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट का पहला दोहरा शतक लगाया था। सचिन तेंदुलकर से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह कारनामा 13 साल पहले किया जा चुका था। बेलिंडा ने 1997 में भारत में खेले गए महिला विश्व कप में डेनमार्क के खिलाफ 229 रन की नाबाद पारी खेली थी।