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यहां बन रहा विश्व का सबसे बड़ा संत रविदास मंदिर, जिसमें नहीं है एक भी कोना

इस मंदिर का निर्माण 100 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। खास बात यह है कि मंदिर के गर्भगृह को 2000 साल पुरानी नागर शैली में बनाया जा रहा है।

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भोपाल

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Puja Roy

Feb 26, 2024

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देश का सबसे बड़ा संत रविदास मंदिर एमपी के सागर में बनाया जा रहा है। रविदास मंदिर के लिए धौलपुर बंसी पहाड़पुर से लाल पत्थर मंगाए जा रहे हैं, जहां से अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के निर्माण के लिए पत्थर आए थे। यह परामर्श भी हैदराबाद से है और जिस कम्युनिटी ने अयोध्या में श्री राम मंदिर का डिज़ाइन तैयार किया था उसी कम्युनिटी ने संत रविदास मंदिर का डिज़ाइन किया है।

मंदिर के गर्भगृह में लोहे का प्रयोग नहीं
इस मंदिर के निर्माण में लोहे के एक कील का भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। इस परिसर में बनने वाला मुख्य मंदिर या अन्य इमारतों में कहीं पर भी कोना नहीं बनाया गया है। हर आकृति गोल आकार की होगी। 25 फीट नीचे दी गई नींव को पत्थर और कंक्रीट से तैयार किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था भूमि पूजन
12 अगस्त 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मंदिर का भूमिपूजन किया था। करीब छह महीने में मंदिर का 25 फीसदी काम हो गया है। यह मंदिर 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इस विशाल मंदिर का निर्माण 11 एकड़ में किया जा रहा है। खास
बात यह है की मंदिर के अलावा यहां भक्त निवास, लाइब्रेरी, कैफेटेरिया और म्यूजियम का भी निर्माण किया जा रहा है।

4 गैलरी भी होगी
मंदिर के गर्भगृह को तीन भागों में बांटा गया है, जिसके मुख्य मंडप की ऊंचाई 66 फीट होगा। संत रविदास के जीवन का सार प्रदर्शित करने के लिए अंदर चार गैलरी भी बनाई जा रही हैं, पहली गैलरी में संत रविदास के महान जीवन का दर्शन होगा। दूसरी गैलरी में भक्ति और निर्गुण पंथ में योगदान को दिखाया जाएगा। तीसरी गैलरी में रविदास पंथ और चौथी गैलरी में साहित्यिक को दिखाया जाएगा। यहां पर संत रविदास के नाम से जलकुंड भी बनाया जा रहा है।

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