
भोपाल। फूलों से सजी झांकी में नौ सिक्के रखे थे, इसके दर्शन करने के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे थे। श्रद्धालु दर्शन कर श्रद्धालु माथा टेक रहे थे। दरअसल, ये वे सिक्के हैं, जो साईबाबा ने 1918 में शरीर त्यागने के पहले माता लक्ष्मीबाई शिंदे को सौपे थे। शिर्डीपुरम् मंदिर में आयोजित साईं बाबा समाधि शताब्दी महोत्सव में ये सिक्के लक्ष्मीबाई की पोती शैलजा के बेटे अरुण गायकवाड़ लेकर यहां आए हैं। इस मौके पर इन सिक्कों के श्रद्धालुओं ने सुबह 10 से रात्रि 10 बजे तक दर्शन किए।
साईं बाबा समाधि महोत्सव के अंतर्गत मंदिर में गुरुवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह यहां अभिषेक, विशेष पूजा अर्चना, मंगल आरती हुई। इसके बाद शिरडी से लाए गए सिक्कों के दर्शन दर्शनार्थियों ने किए। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और दर्शन का सिलसिला रात्रि तक चलता रहा। इसके साथ ही मंदिर में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शाम को मंदिर प्रांगण से शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यह शोभायात्रा मंदाकिनी कॉलोनी, सर्वधर्म ए सेक्टर, बीमाकुंज होते हुए वापस मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में श्रद्धालु साई भजनों पर नृत्य करते हुए चल रहे थे और जयकारे लगा रहे थे। इसके बाद शाम को भजन संध्या और भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
निकाली साई पालकी, बरसे फूल, श्रद्धालुओं ने माथा टेका
जय भवानी सेवा समिति की ओर से गुरुवार शाम को पंचशील नगर से हर्षवर्धन नगर स्थित साई मंदिर तक पालकी शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु पालकी को कंधे पर रखकर चल रहे थे, जगह-जगह पुष्पवर्षा हो रही थी और महिलाएं आरती उतार रही थी। साई भजनों पर श्रद्धालु भक्तिमय नृत्य कर रहे थे। अखिलेश सराफ ने बताया कि पंचशील नगर से शुरू हुई यह पालकी यात्रा हर्षवर्धन नगर, रविन्द्र कॉलेज रोड, जैन मंदिर होते हुए हर्षवर्धन नगर स्थित साई मंदिर पहुंची। यहां विशेष पूजा अर्चना और महाआरती का आयोजन किया गया।
Published on:
23 Feb 2018 09:24 am
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