21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अंग्रेजों से 60 रुपए महीने पेंशन लेते थे सावरकर, सेवादल ने लगाया आरोप

- राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में संघ पर लगाए आरोप - सावरकर आजादी के आंदोलन में जेल नहीं गए थे बल्कि वे एमएमटी जैक्शन की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता के आरोप में बंद हुए थे - जेल से रिहा होने के लिए अंग्रेजों से 9 बार माफी मांगी - संघ नहीं चाहता था कि देश के निचले तबके के हाथों में सत्ता जाए इसीलिए उन्होंने गांधीजी की हत्या करवा दी

less than 1 minute read
Google source verification
sawarkar-indira.jpg

veer sawarkar

सेवादल के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरेश शर्मा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जिन्हें वीर कहते हैं वे अंग्रेजों से 60 रुपए महीने पेंशन लेते थे। शर्मा ने कहा कि सावरकर आजादी के आंदोलन में जेल नहीं गए थे बल्कि वे एमएमटी जैक्शन की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता के आरोप में बंद हुए थे। सावरकर ने जेल से रिहा होने के लिए अंग्रेजों से 9 बार माफी मांगी। शर्मा ने सावरकर को अंग्रेजों का एजेंट बताया। प्रशिक्षण विभाग के राष्ट्रीय प्रमुख सचिन राव ने कहा कि गांधीजी जमीदारी प्रथा का समूल नाश करना चाहते थे जो कि आरएसएस को मंजूर नहीं था। संघ नहीं चाहता था कि देश के निचले तबके के हाथों में सत्ता जाए इसीलिए उन्होंने गांधीजी की हत्या करवा दी। सचिन राव ने कहा कि संघ देश के संविधान को बदलने का कुचक्र रच रहा है।

गांव-गांव जाएंगे सेवादल के प्रशिक्षित कार्यकर्ता :
सेवादल ने एक और योजना बनाई है। इस प्रशिक्षण शिविर के बाद सेवादल के कार्यकर्ताओं को गांव-गांव भेजकर संघ और सावरकर की कथित सच्चाई बताई जाएगी। सेवादल के प्रशिक्षित कार्यकर्ता गांव में रात भी गुजारेंगे। वे लोगों को बताएंगे कि संघ और सावरकर ने किस तरह अंग्रेजों का साथ दिया था। ये कार्यकर्ता केंद्र सरकार को संविधान विरोधी सरकार के रुप में भी प्रचारित करेंगे। सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी देसाई ने कहा कि हम तथ्यों के आधार पर ही ये सच्चाई बता रहे हैं,जो किताबों में लिखा है वही लोगों के सामने आ रहा है। ये सच्चाई देश के लोगों के सामने उजागर होनी चाहिए और ये काम सेवादल करेगा। इस शिविर के बाद ये सेवादल कार्यकर्ता इस मुहिम पर निकलकर गांव गांव जाएंगे।