
school chale hum abhiyan 2024: मध्यप्रदेश में गर्मी के बावजूद मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में मंगलवार को रौनक लौट आई। कई बच्चे हंसते-खेलते स्कूल पहुंचे। स्कूलों में भी बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। भोपाल के सुभाष स्कूल में प्रवेश करने वाले नए बच्चों को मुख्यमंत्री ने तिलक लगाकर स्वागत किया और गिफ्ट भी दिए।
स्कूल शिक्षा विभाग ने मंगलवार से स्कूल चले अभियान (school chale hum abhiyan 2024) की शुरुआत की है। इस दौरान तीन दिनों तक प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 20 जून तक बच्चों का वेलकम किया जाएगा।
भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) ने कहा कि भगवान कृष्ण 11 साल की उम्र में उज्जैन में शिक्षा हासिल करने आए थे। श्रीकृष्ण ने कम समय में जो शिक्षा हासिल की, उसकी मिसाल नहीं है। वे 16 कलाओं में पारंगत थे। उनकी शिक्षा का ज्ञान गीता में मिलता है। कृष्ण अपने शिक्षण सत्र के दौरान अपने किसी सहपाठी को नहीं भूले। सुदामा जैसे मित्र का उन्होंने हमेशा ध्यान रखा।
इस दौरान जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने सीएम डा. मोहन यादव से मांग की है कि मदरसा हो या निजी स्कूल, शासकीय स्कूल सभी में जन गण मन और वंदेमातरम का गायन किया जाए और स्कूलों में तिरंगा फहराया जाए।
रतलाम में भी शासकीय स्कूलों (mp government school) में प्रवेश उत्सव (Praveshotsav) कार्यक्रम मनाया गया। यहां भी बच्चों का स्कूल में स्वागत तिलक लगाकर किया और उन्हें नए सत्र की पुस्तकें भी दी गईं।
भोपाल के सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन में खीर पूड़ी और आलू छोले खिलाए गए। भोपाल में अक्षय पात्र फाउंडेशन ने सरकारी स्कूलों में विशेष भोज का आयोजन किया था। यह आयोजन पूरे भोपाल में सरकारी विद्यालयों और मदरसों में किया गया।
इंदौर के खजराना शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में बच्चों प्रवेश उत्सव मनाया गया। बच्चे स्कूल पहुंचे लेकिन समय से पहले लौट गए। कई बच्चों ने मिड डे मिल भी नहीं लिया। इसके अलावा संभागायुक्त दीपक सिंह ने कुलकर्णी नगर स्थित शासकीय स्कूल के बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित की।
सागर में भी प्रवेश उत्सव कार्यक्रम मनाया गया, जिसमें मंत्री गोविंद सिंह राजपूतमौजूद थे। उन्होंने भी बच्चों का तिलक लगाकर स्कूल में प्रवेश कराया। इस मौके पर राजपूत ने कहा कि 10वीं और 12वीं के बच्चे अब समझदार हो गए हैं। इनके साथ टीचर अभिभावक मित्रवत व्यवहार करें। ये ऊंची उड़ान भरना चाहते हैं। इसमें इनका साथ दें।
निमाड़ क्षेत्र के खरगोन जिले में अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां कसरावद तहसील के बामंदा गांव में शिक्षकों ने ढोल ढमाकों के साथ बच्चों की पूरे गांव में रैली निकाली और उन्हें स्कूल में प्रवेश कराया। बैलगाड़ी भी सजाई गई थी। कुछ बच्चे बैलगाड़ी में सवार थे। इसमें बच्चों के माता-पिता भी नजर आए।
Updated on:
18 Jun 2024 08:16 pm
Published on:
18 Jun 2024 07:59 pm
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