
भोपाल. उज्जैन जिले के बडऩगर में एसडीएम निधि सिंह IAS और भाजपा से पूर्व विधायक शांतिलाल धबाई के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं होने का वीडियो सामने आया है। निधि सिंह को पूर्व विधायक ने नौकरी से निकालने की धमकी दी, जिसके बाद, एसडीएम निधि सिंह ने तू-तड़ाक में बात करते हुए कहा- तमीज से बात कर, तू-कौन होता है पूछने वाला, दफा हो जा यहां से।
अब ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि दबंग एसडीएम को अपनी दबंगई के लिए क्या किसी सजा से गुजरना पड़ेगा ? इस सवाल का जवाब पूर्व में हुई इसी तरह की कुछ घटनाओं में छुपा है।
दबंग अधिकारीयों को भारी पड़ा नेताओं से उलझना
साल 2020 में सीएए को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। वहीं बीजेपी इसके समर्थन में रैली निकाल रही थी। इस बीच राजगढ़ में रैली की अनुमति नहीं दी गई। फिर भी नेताओं ने रैली निकाली, इसे रोकने के लिए तत्कालीन कलेक्टर निधि निवेदिता नेताओं से उलझ गईं। वीडियो सामने आया, जिसमें वह कुछ को थप्पड़ मारते और कॉलर पकड़े नजर आई। भाजपा ने कार्रवाई की मांग की लेकिन तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने कार्रवाई नहीं की। फिर शिवराज सिंह चौहान सत्ता में आए और शपथ लेने के 21 घंटे बाद ही निधि निवेदिता के तबादले का आदेश जारी कर दिया गया।
एक अन्या मामले में रायगढ़ में बीजेपी की रैली के दौरान तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा भीड़ को नियंत्रित करने पहुंची थी। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके बाल खींच दिए थे। इसके दबंग अफसर ने उनकी पिटाई कर दी थी। इस मामले के कई वीडियो जारी हुए, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। घटना के एक महीने बाद उनका भी तबादला कर दिया गया था।
निधी सिंह के मामला का अपडेट
अब निधी सिंह के मामले में वीडियो वायरल होने पर कांग्रेस ने इसे ट्वीट किया। कांग्रेस के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष नरेंद्र सलूजा ने वीडियो के साथ लिखा कि बडऩगर से भाजपा के पूर्व विधायक शांतिलाल धबाई का एसडीएम ने किया शब्दों से सम्मान, भाजपा सरकार में अधिकारियों का जनता और जनप्रतिनिधियों के प्रति ऐसा ही रवैया।
आपको बता दें ग्राम बंगरेड में पीडब्ल्यूडी द्वारा सडक़ का निर्माण किया गया। यहां पर बारिश का पानी निकलने के लिए पक्की नाली का निर्माण नहीं किया गया। बारिश के कारण गांव में कुछ घरों में पानी भरने की समस्या थी। पानी निकासी के लिए एसडीएम पहुंची थी। इसी दौरान पूर्व विधायक भी पहुंचे और विवाद की स्थिति बनी। इस पर पूर्व विधायक शांतिलाल धबाई ने कहा कि एसडीएम तानाशाही प्रवृत्ति से काम कर रही हैं। मैंने नाली नहीं बनने और पानी भरने पर समय पर कार्रवाई नहीं करने का मुद्दा उठाया था। वह सुन नहीं रही थी तो ट्रांफसर करवाने की बात कही थी। प्रदेश में भाजपा नहीं कलेक्टर और एसडीएम सरकार चला रहे है। इसलिए जनप्रतिनिधियों के बगैर सुनवाई के अफसर मनमाने काम कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग एसडीएम निधि सिंह की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ उनके रवैये को लेकर विरोध में हैं।
Published on:
14 Jul 2022 07:28 pm
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