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साहब, हमारे मकान बेच दो, लेकिन शराब दुकान नहीं चलने देंगे.. पढ़ें पूरी खबर!

एसडीएम बोले- शराब दुकान बंद करेंगे तो राजस्व का घाटा होगा, महिलाओं ने दिया जवाब

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भोपाल। प्रकाश नगर में शराब दुकान का विरोध कर रही महिलाओं से मिलने १७ दिन बाद गोविंदपुरा एसडीएम मुकुल गुप्ता पहुंचे। एसडीएम को देख महिलाओं के मन में उम्मीद जगी कि अब कुछ सुनवाई होगी, लेकिन शराब दुकान खोलने को लेकर एसडीएम ने जो तर्क दिया, उसे सुन महिलाओं के होश उड गए। एसडीएम गुप्ता ने कहा कि शराब दुकान बंद कर देंगे तो सरकार को राजस्व का घाटा होगा, राजस्व की भरपाई कहां से करेंगे? एसडीएम की यह बात सुन महिलाओं ने जबाव दिया कि साहब, एेसे ही राजस्व की भरपाई करनी है तो हमारे मकान बेच दो।

घर का कामकाज छोड़कर रोज शराब दुकान के सामने प्रदर्शन कर रही महिलाओं के बीच एसडीएम ज्यादा देर तक रुके भी नहीं। एसडीएम ने महिलाओं को उनकी बात वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया और महज २० मिनट में ही निकल गए। एसडीएम के जाने के बाद भी महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन बंद नहीं किया। महिलाओं का कहना है कि जब तक शराब दुकान बंद नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले दिन में महिलाओं ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर से भी मुलाकात की। बताया जा रहा है कि गौर ने तत्काल कलेक्टर डॉ. सुदाम खाडे से बात की। कलेक्टर ने गौर से दो दिन बात खुद निरीक्षण कर समस्या का समाधान करने की बात कही है।

राजनीतिक दलों का मिला साथ
प्रकाश नगर के गेट पर खोली गई शराब दुकान को बंद कराने के लिए अभी तक अकेली महिलाएं संघर्ष कर रही थीं, लेकिन अब शिवसेना, गायत्री परिवार के साथ राजनीतिक दल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का भी समर्थन मिलने लगा है। सोमवार को कई बड़े कांग्रेस नेता, पार्षद प्रदीप मोनू सक्सेना ने भी महिलाओं के समर्थन में शराब दुकान के सामने धरना दिया। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को भरोसा दिलाया है कि वह रोज उनके साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। विरोध प्रदर्शन शराब दुकान बंद होने या दूसरी जगह शिफ्ट होने तक जारी रहेगा।

अच्छे काम के लिए महिलाएं कर रहीं प्रदर्शन: गौर
शराब दुकान बंद कराने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं को पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल गौर ने भी अपना समर्थन दिया है। पत्रिका से बातचीत में गौर ने कहा कि महिलाएं अच्छे काम के लिए प्रदर्शन कर रही हैं। मेरे विधानसभा क्षेत्र का मामला है, मेरा पूरा समर्थन है। महिलाओं की पीड़ा जायज है। मैंने उनकी बात सुनकर कलेक्टर से बात की। कलेक्टर ने दो दिन का समय मांगा है। हालांकि इस प्रदर्शन को अब राजनीतिक दलों का भी साल मिलने लगा है। सोमवार को कई बड़े कांग्रेस नेता, पार्षद प्रदीप मोनू सक्सेना ने भी महिलाओं के समर्थन में शराब दुकान के सामने धरना दिया। इसी तरह शिवसेना और गयत्री परिवार का साथ भी महिलाओं को मिलने लगा है।

शराब दुकान का विरोध कर रही महिलाओं की बात सुनी है। महिलाओं की बात से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। शराब दुकान विधिवत नियमों का पालन करते हुए खोली गई हैं।
-मुकुल गुप्ता, एसडीएम गोविंदपुरा