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डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे की पुलिस से हुई खिंचतान में कपड़े फटे, जेल में भूख हड़ताल की चेतावनी

डिप्टी कलेक्टर पद से इस्तीफा स्वीकार ना होने पर आमला से करीब 350 किलोमीटर न्याय पदयात्रा कर पहुंची थीं भोपाल

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sdm nisha bangre strike

भोपाल। बैतूल के आमला से न्याय पदयात्रा करते हुए भोपाल पहुंची डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को बोर्ड ऑफिस चौराहा पर पुलिस ने रोक लिया। वे सीएम हाउस की ओर जाना चाहती थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी। महिला पुलिस से हुई झूमाझटकी में निशा के कपड़े फट गए। बाबासाहब भीमराव अंबेडकर की फोटो को भी नुकसान हुआ। पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर ले गई।पद यात्रा करते हुए निशा आमला से सुबह करीब-11 बजे बोर्ड ऑफिस चौराहे पर पहुंची, यहां उन्होंने अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

पुलिस ने कहा, खुद ही फाड़े कपड़े

उनके साथ कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा, भोपाल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोनू सक्सेना भी थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार महिला सम्मान की बात करती है, दूसरी ओर पुलिस का सहारा लेकर महिलाओं का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस पर निशा के कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया। गौरलतब है कि निशा ने छुट्टी नहीं मिलने पर तीन माह पहले एसडीएम के पद से इस्तीफा दे दिया था, शासन ने इसे मंजूर नहीं किया था। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर उन पर धारा-151 के तहत कार्रवाई की गई है, उन्होंने खुद ही अपने कपड़े फाड़ लिए।

नोटिस-नोटिस, पुलिस-पुलिस खेल रहे

इस दौरान निशा ने कहा कि मैंने जैसे ही इस्तीफे की बात कही, मुझे नोटिस दिए जाने लगे। मैं 12 दिन से शांतिपूर्वक पद यात्रा कर रही हूं। सीएम बताएं कि इस बेटी के साथ अन्याय क्यों कर रहे हैं। न्याय यात्रा शुरू तो पुलिस से धमकियां मिलने लगीं। न्याय के लिए 335 किलोमीटर से ज्यादा पैदल चलकर आमला से भोपाल आना पड़ा। पहले मुझे सर्वधर्म प्रार्थना करने से रोका गया। मुझे मेरे घर के उद्घाटन में जाने से भी रोका गया, जबकि संविधान हमें धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है। मेरे साथ कोई भी घटना होती है तो सरकार इसकी दोषी होगी।