Sound Proof Corridor MP: प्रदेश के दूसरे साउंड प्रूफ कॉरिडोर को मध्य प्रदेश के चोरों की नजर लग गई है, स्थिति ये है कि अब ये कॉरिडोर खतरे में है औऱ हादसों का अंदेशा भी बढ़ा रहा है...पत्रिका फोटो जर्नलिस्ट अजय शर्मा की रिपोर्ट..
Sound Proof Corridor MP: प्रदेश के दूसरे रातापानी टाइगर रिजर्व के साउंड प्रूफ कॉरिडोर से नट बोल्ट चोरी हो रहे हैं। इससे साउंड प्रूफ दीवारों की शीट नीचे गिर रही हैं। इससे हादसे का खतरा तो है ही पर जिस नीयत से सरकार ने इसे बनाया वह पूरा होता नजर नहीं आ रहा। बाघ, तेंदुए और दूसरे वन्यजीवों के जीवन में खलल पैदा हो रही है। चोरी और अधूरे काम की भनक न तो इस कार्य को करने वाली नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) को है और न रातापानी टाइगर रिजर्व प्रबंधन को।
गाड़ियों की आवाज और तेज रोशनी वन्य जीवों तक नहीं पहुंचने इसके लिए जंगल के बीच से गुजरने वाले 12 किमी में साउंड और लाइट प्रूफ दीवार बनाई। भोपाल-नर्मदापुरम रोड पर बरखेड़ा रेंज में सड़कके दोनों ओर 3-3 मीटर ऊंची बाउंड्रीवॉल बनाई। कॉरिडोर में 5 बड़े और 2 छोटे अंडरपास बने हैं।
वाहनों की आवाज कम करने के लिए नॉइज बैरियर लगे हैं। इसमें इंसुलेशन मैटेरियल का उपयोग हुआ है। पॉलीकार्बोनेट शीट से नोइज बैरियर लगे हैं, जो आवाज को जंगल में नहीं पहुंचने देते।