माध्यमिक शिक्षक भर्ती शुरू, डीपीआई ने कहा- सूची में नाम होने मात्र से ही नौकरी पक्की नहीं:
भोपाल. मध्यप्रदेश में सरकारी विभागों में भर्ती का काम चल रहा है. राज्य की भाजपा सरकार करीब 1 लाख पदों पर नियुक्तियों की बात कह रही है. राज्य के सीएम शिवराजसिंह चौहान भी लगातार इस बात की घोषणा कर रहे हैं कि प्रदेश में 1 लाख पदों पर युवाओं को नौकरियां दी जाएंगी. इसी क्रम में राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भी नियुक्तियां की जा रहीं हैं. माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रक्रिया चल भी रही है. इसी बीच सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों के संबंध में डीपीआई का अहम स्पष्टीकरण सामने आया है जिससे उम्मीदवारों में निराशा पैदा हो सकती है.
माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया तेज हो गई है. सोमवार से माध्यमिक शिक्षकों के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसमें लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के निर्देश पर उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट्स वेरिफाइड किए जा रहे हैं। इसमें कुल 6539 पदों के लिए उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट्स वेरिफाइड किए जाएंगे। इनमें से 1539 पदों पर जनजातीय कार्य विभाग में और 5 हजार पदों पर स्कूल शिक्षा विभाग में भर्ती होगी। इसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रोविजनल चयन सूची जारी की है।
माध्यमिक शिक्षकों के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया चालू करने के साथ ही लोक शिक्षण संचालनालय यानि डीपीआई ने एक अहम बात कही है. डीपीआई ने यहां स्पष्ट किया है कि चयन सूची में जिन उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, वे इस सूची में नाम होने मात्र से ही चयनित उम्मीदवार का दावा नहीं कर सकते. डीपीआई के मुताबिक इसमें बदलाव भी हो सकता है।
गौरतलब है कि माध्यमिक शिक्षक भर्ती के उम्मीदवारों का सत्यापन 30 नवंबर तक होगा। भर्ती में सबसे ज्यादा पद तीन हजार इंग्लिश विषय के हैं।