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बड़ी खबर: देर रात अचानक भोपाल के संघ कार्यालय से हटाई सुरक्षा

15 साल से एसएएफ का अस्थायी कैंप तैनात...
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बड़ी खबर: देर रात अचानक भोपाल के संघ कार्यालय से हटाई सुरक्षा

भोपाल। आरएसएस कार्यालय समिधा भवन पर सुरक्षा में तैनात एसएएफ के जवानों को हटा लिया गया है। सुरक्षा में तैनात जवानों के तंबू देर रात उखड़ लिए गए।

दरअसल राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ई-2 अरेरा कॉलोनी स्थित कार्यालय समिधा से सुरक्षा-व्यवस्था RSSsecurity removed हटा दी है। यहां दस साल पहले यानी 2009 से एसएएफ की एक- चार की गार्ड तैनात थी। समिधा के सामने सड़क के किनारे एसएएफ SAF का टेंट लगा हुआ था। सोमवार रात 9:30 बजे अचानक एसएएफ का कैंप हटना शुरू हुआ और रात 11 बजे तक जवान अपना सामान लेकर चले गए।

पुलिस मुख्यालय ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के भोपाल स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मुख्यालय समिघा से सोमवार को सुरक्षा हटा ली। यहां 15 साल से एसएएफ का अस्थायी कैंप तैनात था। 2003 में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ये व्यवस्था लगाई थी।

वहीं दूसरी ओर प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही प्रदेश काकंग्रेस कार्यलय की सुरक्षा बढ़ाते हुए वहां एसएएफ का कैंप तैनात किया गया है। यह सुरक्ष फिलहाल बनी रहेगी। समिधा के साथ ही पूर्व गुहमंत्री भूपेंद्र सिंह के बंगले, ललरिया चौकी और ईंटखेड़ी थाने से भी एसएएफ का कैंप हटाया गया है।

एडीजी इंटेलिजेंस कैलाश मकवाना का कहना है कि चुनाव में सुरक्षा बल की कमी को देखते हुए जहां आवश्यकता नहीं है, वहां से सुरक्षा हटाने के निर्देश दिए हैं।

न हमने सुरक्षा मांगी थी और न हटाने को कहा। सरकार ने सुरक्षा दी थी, अब हटा ली है। यह सरकार का निर्णय है। इस मामले में हम कुछ नहीं कहना चाहते।
- नरेंद्र जैन, प्रचार प्रमुख मध्यभारत प्रांत संघ

वहीं आरएसएस कार्यालय से सुरक्षा हटा लिए जाने को लेकर शहर में तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं है। जहां एक ओर लोग इसे जानबुझकर सरकार द्वारा उठाया गया कदम बताते हुए कांग्रेस के चुनाव से पूर्व निकाले गए पत्र को इसका प्रमाण बता रहे हैं।

वहीं कुछ का कहना है कि चुनाव में सुरक्षा को लेकर उठाए जाने वाला कदम मान्य है।
जबकि शहर के कई लोग पिछले दिनों प्रदेश में कुछ जगहों पर नेताओं के साथ हुई वारदातों को भी इसमें जोड़ते हुए कहते हैं कि ऐसे में सुरक्षा हटानी किसी भी स्थिति में उचित नहीं कही जा सकती।