
Crime Against Women in MP horrifying Facts Patrika Raksha Kavach Abhiyan
MP Crime Against Women In Indore City: पलाश राठौर. महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ अपराधों के बढ़ते आंकड़े समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। बलात्कार और छेड़छाड़ के मामलों में इंदौर जैसे शहर में हर साल करीब 400 घटनाएं दर्ज हो रही हैं। 2023 में बलात्कार के मामलों में वृद्धि देखी गई, हालांकि 2024 में इसमें 11.88 फीसदी की गिरावट आई। छेड़छाड़ के मामलों में भी 2023 में वृद्धि के बाद 2024 में 7.85 फीसदी की कमी आई।
हालांकि, अपराधों की संख्या अभी भी चिंताजनक स्तर पर बनी हुई है। असल तस्वीर इससे भी भयावह हो सकती है, क्योंकि कई मामले लोकलाज और सामाजिक दबाव के कारण दर्ज ही नहीं हो पाते। ऐसे में पुलिस-प्रशासन और समाज को मिलकर संयुक्त प्रयास कर सख्त कदम उठाने होंगे।
तकनीक के बढ़ते प्रभाव के साथ अपराधों के तरीके भी बदल रहे हैं। भंवरकुआं थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां दो नाबालिग छात्रों ने एक छात्रा के फोटो के साथ एआइ एप के जरिए छेड़छाड़ की और उसे उसकी सहेली को भेज दिया। मामले में दोनों आरोपियों पर केस दर्ज किया है, लेकिन यह घटना बताती है कि डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग कैसे महिला सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन रहे हैं।
जूनी इंदौर थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ। आरोपी ने शोरूम बंद होने के बाद युवती को रोककर अश्लील हरकतें की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। एक संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
राऊ में एक निजी कंपनी में काम करने वाली महिला कर्मचारी को सहकर्मी परेशान कर रहा था, वहीं राजेंद्र नगर में एक व्यक्ति महिलाओं से अश्लील हरकतें कर रहा था। दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
भंवरकुआं इलाके में एक युवती नहा रही थी, तभी उसने देखा कि रोशनदान से एक युवक झांक रहा है। उसने अपने भाई को आवाज दी। भाई ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
गांधी नगर थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी से उसके भाई के दोस्त ने छेड़छाड़ कर मारपीट की। परिवार ने बेटी को आरोपी से दूर रहने की सलाह दी थी, जिससे नाराज होकर उसने किशोरी पर दबाव बनाया और हमला कर दिया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
महिला अपराधों के मामलों में कई बार खुद पर न्याय करने की प्रवृत्ति हिंसा में बदल जाती है। द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में युवक की इसलिए हत्या कर दी गई, क्योंकि उसे एक लड़की को प्रपोज करने का दोषी माना गया। लड़की के भाई और उसके पांच साथियों ने मिलकर उसे इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई।
इंदौर पुलिस लगातार महिला सुरक्षा को लेकर अभियान चला रही है। हर थाना क्षेत्र में महिला डेस्क बनाई गई है और विशेष पुलिस दल महिला अपराधों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं, लेकिन इन घटनाओं से साफ है कि सिर्फ संख्या में गिरावट से समस्या हल नहीं होगी। भले ही आंकड़ों में गिरावट आई हो, लेकिन अपराधों की प्रवृत्ति और गंभीरता को देखकर कहा जा सकता है कि शहर में महिलाओं की सुरक्षा चुनौती बनी हुई है। जब तक समाज, पुलिस और प्रशासन एकजुट होकर सख्त कदम नहीं उठाएंगे, तब तक यह अपराध पूरी तरह से नहीं रुकेंगे।
(इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि 2023 में महिला अपराधों में उछाल आया था, लेकिन 2024 में उनमें गिरावट देखने को मिली। बावजूद घटनाओं की संख्या दर्शाती है कि इंदौर में महिलाएं अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं)
महिला सुरक्षा के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। हॉट स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां अपराध ज्यादा होते हैं। उस इलाके पर विश्लेषण के आधार पर 'सृजन' की टीम काम करती है। अधिकांश मामले पुराने परिचित, रिश्तेदार या साथ में रहने वाले व्यक्ति द्वारा ही किए जाने वाले सामने आए हैं। पिछले तीन सालों के अपराधों का विश्लेषण किया गया है।
- अमित सिंह, एडिशनल पुलिस कमिश्नर
Published on:
16 Feb 2025 10:33 am
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