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किन्नर बने अतिथि, सत्कार में भजन और कव्वाली, सम्मान पाकर छलके आंसू

अनूठा समारोह: राजधानी में पहली बार किसी यजमान ने किन्नरों के लिए कराया भव्य आयोजन
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किन्नर बने अतिथि, सत्कार में भजन और कव्वाली, सम्मान पाकर छलके आंसू

किन्नर बने अतिथि, सत्कार में भजन और कव्वाली, सम्मान पाकर छलके आंसू

कोरोना के चलते बेटे के जन्म पर नहीं आ पाए थे किन्नर, इसलिए दीपक सिंह ठाकुर और उनकी पत्नी आशा ने रखा भोज और सम्मान समारोह

भोपाल. फूल मालाओं और रंग-बिरंगी रोशनी से मंच जगमग है। मधुर भजनों के साथ रूह को सुकून पहुंचाती कव्वाली। इसके साथ खुशी से झूमते-गाते किन्नर। ऐसा अनूठा नजारा देखने को मिला शहर के अन्नपूर्णा कॉम्प्लेक्स पीएंडटी चौराहे पर रविवार रात आयोजित एक सम्मान समारोह में।

दरअसल पहली बार किसी यजमान ने खासतौर पर केवल किन्नरों के लिए इस तरह का आयोजन किया। इसमें शहर भर से अलग-अलग बिरादरी के 100 से अधिक किन्नर उपस्थित थे। किन्नरों को मंच पर अतिथि बनाया गया, उनका स्वागत, सत्कार हुआ और उन्हें सम्मानित किया गया। इतना सम्मान पाकर किन्नर खुशी से गदगद हो गए और उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।

आयोजन अन्नपूर्णा कॉम्प्लेक्स निवासी दीपक सिंह और उनकी पत्नी आशा ने किया था। दीपक ने बताया कि उनकीपत्नी जब 6 माह की गर्भवती थी, तब उसे कोरोना हो गया था। ऐसे में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। उस समय मान्यता भी रखी थी कि अगर सब कुछ ठीक हो गया था इस तरह का अनूठा आयोजन करूंगा। बेटे कुशंक के जन्म के बाद उनकी ख्वाहिश थी कि किन्नर आकर उन्हें दुआ दें, लेकिन कोरोना के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया। इसलिए उन्होंने बेटे के सवा माह का होने के बाद यह समारोह आयोजित किया।

अकसर हम ही लोगों के घर उनकी खुशियों में शामिल होने पहुंचते हैं, पहली बार किसी यजमान ने घर आकर बुलाया है। यहां आकर बहुत अच्छा लगा। पहली बार किसी ने हमारी कद्र की है।
रानी, किन्नर

पहली बार सार्वजनिक मंच पर आकर इस तरह का सम्मान मिला है। इस पल को भुलाया नहीं जा सकता। यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है और खुद पर गर्व हो रहा है। हम सभी शहरवासियों को दिली दुआ देते हैं कि मालिक सबको तरक्की दे और सभी खुश रहें।
सनम राजपूत, किन्नर, बुधवारा