
भोपाल। वल्लभ भवन में मंगलवार को सुबह हुई कैबिनेट बैठक।
भोपाल। शिवराज कैबिनेट की अहम बैठक मंगलवार को सुबह मंत्रालय में हुई, जिसमें कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। इसमें सबसे अहम है साइबर तहसील बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी। इसी के साथ मध्यप्रदेश अपने यहां 'सायबर तहसील' बनाने वाले पहला राज्य बन गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को सुबह कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक की शुरुआत वंदेमातरम गायन के साथ हुई।
कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी सरकार के प्रवक्ता एवं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि आजादी के 75वें महोत्सव के अंतर्गत 4 दिसंबर को पातालपानी में टंट्या मामा के बलिदान दिवस पर बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। पातालपानी में टंट्या भील का अंतिम संस्कार किया गया था। यह स्थान महू विधानसभा क्षेत्र में आता है। यहां पूरे सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम को लेकर दो यात्राएं निकाली जाएंगी। पहली यात्रा टंट्या मामा की जन्मस्थली पंधाना के बड़ौदा अहीर गाँव से और दूसरी यात्रा सैलाना से शुरू होकर विभिन्न जिलों से होते हुए धार होकर इंदौर पहुंचेगी। मंत्रीगण अपने प्रभार के जिलों में यात्रा की जिम्मेदारी संभालेंगे। संस्कृति विभाग इस कार्यक्रम को करेंगे, इंदौर और उज्जैन के कमिश्नर समन्वयक की भूमिका में रहेंगे। पातालपानी रेलवे स्टेशन का नाम भी भील स्टेशन करने का प्रस्ताव रखा।
मिश्र ने बताया कि गुड गवर्नेंस के तहत सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। आज की कैबिनेट बैठक में नवकरणी ऊर्जा विभाग के दो अहम विषय रखे गए। 25 तारीख को शाजापुर में 4.30 मेगावाट, आगर का 530 मेगावाट, नीमच में 500 मेगावाट के सोलर प्लाट का शिलान्यास किया जाएगा।
मिश्र ने बताया कि पंचायत चुनाव के लिए भी फैसला लिया गया। यह पूर्व की तरह आयोजित किए जाएंगे। पहले की प्रक्रिया और आरक्षण को अपनाया जाएगा। आज अध्यादेश का अनुसमर्थन कैबिनेट की ओर से किया गया।
कैबिनेट में आज साइबर तहसील के बारे में भी अहम फैसला लिया गया। यह पहला प्रदेश होगा, जो यह फैसला करने जा रहा है। इसमें व्यक्तिगत उपस्थित होने की बाद्धता थी, साइबर तहसील बनने से वो भी समाप्ति पर आ जाएगी। साइबर तहसील के साथ अवैध खनन के नियमों में संशोधन का भी प्रावधान किया है।
क्या होगा साइबर तहसील में
भूमि के अविवादित नामांतरण के तेजी से निराकरण के लिए सरकार सायबर तहसील बना रही है। इसके तहत अलग से तहसीलदार नियुक्त किए जाएंगे। इस व्यवस्था में खरीदार और बेचने वाले को नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आवेदन के बाद तहसीलदार नोटिस जारी कर देंगे। आपत्ति नहीं आने पर नामांतरण कर दिया जाएगा।
Published on:
23 Nov 2021 12:53 pm
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