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शिवराज बोले- गोपीनाथ मुंडे के शौर्य से अंडरवल्र्ड भागा…

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jitendra.chourasiya@भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो इतिहास बनाया करते हैं। जब मुंबई में माफिया और अंडरवल्र्ड का बोलबाला था, तब मुंडे ने पुलिस को उनका सफाया करने के लिए छूट दे दी थी। इसी कारण एनकाउंटर हुए। 70 गैंगस्टर मारे गए। अंडरवल्र्ड मुंबई छोड़ कर भाग गया। ये मुंडे का शौर्य था, क्योंकि उनसे पहले कोई अंडरवल्र्ड पर नकेल नहीं डाल सका था।
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शिवराज ने यह बात शुक्रवार को महाराष्ट्र में बीड जिले के परली वैजनाथ में स्व गोपीनाथ मुंडे की 8वीं पुण्यतिथि के कार्यक्रम में कही। यहां मुंडे की पुत्री व मध्यप्रदेश भाजपा की सहप्रभारी पंकजा मुंडे विशेष रूप से मौजूद थी। यहां शिवराज ने कहा कि मुंडे ने भाजपा को महाराष्ट्र में गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का काम ने किया। उन्होंने गरीब परिवार में जन्म लिया और गरीबी को महसूस किया और गरीबों के उसी दु:ख दर्द को दूर करने के लिए वे राजनीति में आए और जीवन की अंतिम सांस तक गरीब के कल्याण के लिए कार्य करते रहे। उन्होंने तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई और बचपन में ही गोपीनाथ ने कह दिया था कि इंदिरा तेरी तानाशाही नहीं चलेगी। इससे आपातकाल का विरोध किया तो उन्हें 16 महीने जेल में रहना पड़ा। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का जन्म हुआ। उसी साल वे महाराष्ट्र के युवा मोर्चा के अध्यक्ष बनें। शिवराज ने कहा कि वे अपने लिए नहीं, दूसरों के लिए ही जीते थे। इसलिए केवल महाराष्ट्र नहीं, पूरा देश उन्हें श्रृद्धा से नमन करता है। उनका जीवन संघर्ष, साहस और सेवा का त्रिवेणी संगम था। ज्ञान, भक्ति और कर्म का संगम मैंने गोपीनाथ में देखा।
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ओबीसी आरक्षण का फैसला आया, वो मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन-
मध्यप्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों का जिक्र करके शिवराज ने कहा कि मैंने संकल्प लिया था कि मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ ही होंगे। मैंने सोच लिया था, मुझे कोई सहयोग दे, या न दे, मैं तो ओबीसी आरक्षण के लिए लडाई लडूंगा। मैंने अपना अमेरिका दौरा रद्द किया और ओबीसी आरक्षण दिलाने के लिए दिन रात लग गया। जिस दिन ओबीसी आरक्षण के मामले में हमारे पक्ष में फैसला आया, वह दिन मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन था। मैं किसी भी कीमत पर ओबीसी के साथ अन्याय नहीं होने दूंगा। अब पंचायत एवं निकाय चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ हो रहे हैं।
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