7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

केन्द्र की राजनीति में शिवराज की एंट्री, अमित शाह ने नियुक्त किया पार्टी का उपाध्यक्ष; रह चुके हैं 5 बार सांसद

केन्द्र की राजनीति में शिवराज की दूसरी बार एंट्री, अमित शाह ने नियुक्त किया पार्टी का उपाध्यक्ष; रह चुके हैं 5 बार सांसद

2 min read
Google source verification
Shivraj Singh Chouhan appointed national vice presidents of BJP

केन्द्र की राजनीति में शिवराज की दूसरी बार एंट्री, अमित शाह ने नियुक्त किया पार्टी का उपाध्यक्ष; रह चुके हैं 5 बार सांसद

भोपाल. मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने नई जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ छत्तीसगढ़ और राजस्थान के पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह और वसुंधरा राजे सिंधिया को भी पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। बता दें कि हाल ही में हुए मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार हुई है। लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें ये नई ज़िम्मेदारी सौंपी है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने विधान सभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद कहा था कि वे राज्य की राजनीति छोड़ कर केंद्र की राजनीति में नहीं जाएंगे।

शिवराज ने जताया अभार
पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा, विश्व के सबसे बड़े संगठन भाजपा के उपाध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और अध्यक्ष अमित शाह जी का आभार व्यक्त करता हूं। दी गई जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करुंगा व संगठन के जरिए देशसेवा का संकल्प निरंतर जारी रखूंगा।


बुधनी से विधायक हैं शिवराज
शिवराज सिंह चौहान फिलहाल अभी सीहोर ज़िले की बुधनी सीट से विधायक हैं। उनका जन्म 5 मार्च 1959 को बुधनी में हुआ था। शिवराज सिंह चौहान 29 नवंबर 2005 को पहली बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने बाबूलाल गौर की जगह ली थी। छात्र जीवन से ही उन्होंने राजनीति शुरू कर दी थी। शिवराज सिंह चौहान 1990 में पहली बार बुधनी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। इसके बाद 1991 में विदिशा संसदीय क्षेत्र से पहली बार सांसद चुने गए। 1992 से 1994 तक बीजेपी के प्रदेश महासचिव रहे। 11वीं लोकसभा में 1996 में वे विदिशा संसदीय क्षेत्र से फिर सांसद चुने गए। 1998 में विदिशा से ही तीसरी बार और 1999 में चौथी बार सांसद बने। 2004 में वे लगातार पांचवी बार सांसद चुने गए थे। उसके बाद 29 नवंबर 2005 को पहली बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने और दिंसबर 2018 तक प्रदेश के सीएम रहे।

संघप्रिय गौतम ने लिखा था लेटर
राजनीति से किनारे चल रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता संघप्रिय गौतम ने भाजपा संगठन में परिवर्तन को लेकर लेटर लिखा था। उन्होंने कहा था कि मोदी और शाह का जादू खत्म हो गया है। इसलिए भाजपा में भी परिवर्तन करते हुए मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना चाहिए, वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को उपप्रधानमंत्री। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले पांच राज्यों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। इसके बाद से भाजपा आलाकमान को कई तरीकों से नसीहतें मिल रही थीं। संघप्रिय गौतम का जो पत्र मीडिया में सामने आया था उसमें कहा गया है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को राज्यसभा में और मेहनत करना चाहिए।