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हनी ट्रैप मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई, श्वेता विजय जैन-आरती दयाल के बैंक खाते और लॉकर सील

हनी ट्रैप की आरोपियों के खिलाफ एसआईटी ने अब शुरू कर दी है कार्रवाई

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भोपाल/हनी ट्रैप मामले में अब कार्रवाई शुरू हो गई है। इंजीनियर के सस्पेंड होने के बाद अब आरोपियों के खिलाफ एसआईटी के एक्शन शुरू हैं। इस गिरोह की मास्टरमाइंड श्वेता विजय जैन और आरती दयाल पर अब कार्रवाई हुई है। आरती और श्वेता ने ब्लैकमेलिंग के धंधे से अकूत संपत्ति कमाई है।

आरती दयाल और श्वेता विजय जैन इस गिरोह की सरगना है। एसआईटी ने दोनों के खिलाफ पहली कार्रवाई की है। दो बैंक अकाउंट और दो बैंक लॉकर एसआईटी ने सील कर दिए हैं। सील किए गए अकाउंट और लॉकर आरती दयाल और श्वेता विजय जैन के हैं। दोनों खातों और लॉकरों की अब एसआईटी जांच करेगी।

वसूली से जीती थी लग्जरियस लाइफ
हनी ट्रैप मामले की सभी आरोपी लग्जरियस लाइफ जीती थीं। इनकी शानो शौकत देख लोग हैरान रहते थे। आरोपियों के पास ऑडी और मर्सिडीज जैसी लग्जरियस गाड़ियां थीं। साथ ही पॉश सोसयटी में या तो इनके खुद के घर हैं या फिर हजारों रुपये किराए के रूप में चुकाती थीं। यहीं नहीं कॉस्मेटिक चीजें ये विदेशों से मंगाती थीं।

पुलिस रिमांड पर है आरती-श्वेता
वहीं, आरोपी श्वेता विजय जैन और आरती दयाल अभी पुलिस रिमांड पर है। दोनों से इंदौर के महिला थाने में पूछताछ चल रही है। श्वेता के जेल से निकलने के बाद पुलिस एमवाय अस्पताल में मेडिकल कराने पहुंची थी। इस दौरान श्वेता ने कहा कि मैं निर्दोष हूं, मुझे बड़े लोग फंसा रहे हैं। आरती ने भी यही बात कही है कि उसे फंसाया जा रहा है।








ब्लैकमेल कर वसूले हैं करोड़ों
बताया जा रहा है कि इनलोगों ने वीडियो जरिए 40 लोगों से करीब 15 करोड़ रुपये वसूले हैं। आरती दयाल की गिरफ्तारी भी तभी हुई थी जब वह इंदौर में नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह से 50 लाख रुपये लेने गई थी। वहीं, जो वीडियो इनके पास से मिले हैं, उसके जरिए भी करोड़ों रुपये वसूलने की तैयारी थी।

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