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Skin Problem: बारिश में गीली स्किन पर पनपते हैं ‘बैक्टीरिया’, बिल्कुल न करें ये 3 गलतियां

एक्सपर्ट ने साझा किए मानसूनी बीमारियों से बचने के तरीके....

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FUNGAL

भोपाल। बारिश का सीजन जितना मजेदार होता है, उतना ही शरीर के लिए मुसीबत पैदा करता है। कभी तेज बारिश तो कभी निकलने वाली चमचमाती धूप अपने साथ कई तरह की स्किन प्रॉब्लम लाती है। इसमें सबसे ज्यादा फंगल इंफेक्शन और एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि इस मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है और बारिश रुकते ही उमस शुरू हो जाती है। जिससे पसीना आना आम है। इन दोनों ही परिस्थिति में स्किन पर बैक्टीरिया पनपते हैं।

इस वजह से ही फंगल इन्फेक्शन, खुजली- रैशेज और स्किन से जुड़ी कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। जिससे हमारी स्किन सेंसिटिव हो जाती है। उस पर एलर्जिक रिएक्शन होने लगते हैं। इस पर एक्सपर्ट का कहना है कि इस मौसम में सावधानी बरतना जरूरी होता है, क्योंकि जरा सी लापरवाही बड़ी समस्या बन सकती है।

फंगल इन्फेक्शन और एलर्जी से बचे

डॉ. नितिन पांड्या (स्किन स्पेशलिस्ट) का कहना है कि बारिश के चलते वातावरण में भी नमी होना लाजमी है। इस वजह से स्किन को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ह्यूमिडिटी और पसीने की वजह से शरीर के कई हिस्सों पर फंगल इन्फेक्शन, दाद, घमोरियां, एग्जिमा या एलर्जी हो जाती है। इसके अलावा चेहरे पर मुंहासे निकल आते हैं और हेयरफॉल भी होने लगता है। इसकी वजह बारिश का गंदा पानी और धूल-मिट्टी भी होता है।

इसलिए बाहर से आने के बाद स्किन को साफ करना चाहिए। अगर आप बारिश में भीग जाएं तो घर आकर जल्दी से जल्दी गीले कपड़े उतार दें और साफ पानी से नहाएं और फुल बॉडी पर मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं। दिन में दो बार फेस वॉश भी जरूर करें।

बालों को रखें सूखा

रिदम बाठला (कॉस्मेटोलॉजिस्ट) का कहना है बारिश के मौसम में स्कैल्प यानी खोपड़ी किसी की ड्राई तो किसी की बहुत ज्यादा ऑयली होने लगती है। जिससे खुजली होना आम है। दाने या फुंसियां भी होने लगती हैं। बारिश में भीगने के बाद बालों को साफ पानी से जरूर धोयें, हो सके तो शैंपू भी करें। गीले बालों को कभी ना बांधे। सुखाने के लिए ड्रायर का इस्तेमाल करें। वर्कआउट के बाद बालों को अच्छी तरह से सुखाएं। हफ्ते में एक बार बालों को नीम के पानी से जरूर धोएं। बालों की जड़ों में फोलिक्युलाइटिस इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

खाने में इन चीजों को करें अवॉइड

हर्षा भटनागर (डाइटीशियन) का कहना खानपान से किसी भी बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। बरसात के मौसम में वैसे भी खाने-पीने पर खास ध्यान रखना चाहिए। खूब पानी पिए और डाइट में ड्राई फ्रूट्स डाइट में शामिल करें। साथ ही तला-भुना खाने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे पित्त बढ़ता है। बारिश में डाइजेशन स्लो हो जाता है इस वजह से तली-भुनी चीजों को पचाने में दिक्कत होती है। रोड साइड मिलने वाले फूड से डायरिया हो सकता है। डेंगू और वायरल के चपेट में भी आ सकते हैं। स्ट्रीट फूड से बचें।