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एमपी में गेहूं खरीदी की धीमी गति का सेंट्रल पूल पर पड़ा असर, 16 प्रतिशत की हुई गिरावट

Wheat- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्लॉट बुकिंग, रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के दिए निर्देश

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Slow pace of wheat procurement in MP impacts Central Pool

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Wheat- एमपी में गेहूं खरीदी की धीमी गति से जहां एक ओर प्रदेशभर के किसान परेशान हो रहे हैं वहीं देश के सेंट्रल पूल पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। इसमें खासी गिरावट आ चुकी है। अभी चल रहे रबी मार्केटिंग सीज़न 2026-27 के दौरान देश में गेहूं की कुल खरीद पिछले साल की तुलना में काफी कम रही है। इसकी प्रमुख वजह एमपी में खरीदी की धीमी गति बताई जा रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने गृह राज्य और संसदीय सीट पर गेहूं खरीदी के दौरान किसानों को आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए।

देश में 20 अप्रैल तक 10 प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में 114.29 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। यह इस साल के कुल 303 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य का लगभग 38% है। पिछले साल इसी अवधि में खरीदे गए 135 लाख मीट्रिक टन गेहूं की तुलना में यह 16 प्रतिशत कम है।

सेंट्रल पूल में गेहूं देने वाले पंजाब, मध्यप्रदेश और हरियाणा तीन प्रमुख राज्य हैं। पिछले साल इन तीनों राज्यों में गेहूं की खरीद के आंकड़े क्रमशः 119.19 लाख मीट्रिक टन, 77.74 लाख मीट्रिक टन और 71.43 लाख मीट्रिक टन रहे थे।

पंजाब और हरियाणा में गेहूं खरीदी का काम 1 अप्रैल को शुरू हो गया था। दोनों राज्यों ने इस साल गेहूं खरीदी की गति बनाए रखी। पंजाब और हरियाणा में खरीद केंद्रों पर आए कुल गेहूं की क्रमशः 91 प्रतिशत और 70 प्रतिशत खरीदी की गई।

इधर मध्यप्रदेश गेहूं खरीदी में पिछड़ गया है। खाद्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, मध्यप्रदेश में इस साल 20 अप्रैल तक 15.66 लाख मीट्रिक टन की आवक के मुकाबले 7.25 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई है। यह आंकड़ा पिछले साल इसी समय में खरीदे गए 47 लाख मीट्रिक टन गेहूं की तुलना में लगभग 85 प्रतिशत कम है।

बता दें कि नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट, 2013 के तहत अनाज बांटने के लिए बनाए गए सेंट्रल पूल में मध्यप्रदेश दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य है।

केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुद्दा उठाया

उत्तरप्रदेश गेहूं का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है हालांकि सेंट्रल पूल के लिए उसका योगदान कम है। यहां भी गेहूं खरीदी की गति धीमी है। बुधवार को केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने यह मुद्दा भी उठाया। उन्होंने अपने मंत्रालय और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक ली। केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस संबंध में अपने X हेंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि "मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड और दिल्ली जैसे राज्यों ने केंद्र सरकार से लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है।"

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्लॉट बुकिंग, पंजीकरण और सत्यापन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए

इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के चार ज़िलों - विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास में गेहूं खरीदी की समीक्षा की। इस दौरान किसानों के स्लॉट बुकिंग, पंजीकरण और सत्यापन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के अधिकारियों को निर्देश भी दिए।