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टूटने वाले बीआरटीएस में स्मार्टसिटी दो करोड़ रुपए के स्मार्ट कैमरे लगवा रही

भोपाल. बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम बीआरटीएस में वाहनों की रफ्तार पर नजर रखने स्मार्टसिटी इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित कराने जा रहा है। इसपर वह करीब दो करोड़ रुपए की बड़ी राशि खर्च करेगा।

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हैरानी ये हैं कि बीआरटीएस में ट्रैफिक लगभग रेंगते हुए बढ़ता है और इसे हटाने के लिए सभी स्तरों पर सहमति है। इसमें ब्रिज व एलीवेटेड रोड के बड़े प्रोजेक्ट तक तय कर दिए, जिससे आगमी कुछ माह में ये टूटना भी शुरू हो जाएगा। कई जगह पर ये टूट भी चुका है। ऐसे में इन अत्याधुनिक तकनीक के कैमरों की स्थापना पर सवाल उठ रहे हैं।

एआई से चौराहों पर ट्रैफिक नियमों के आधार पर वाहन की जांच कर भेजता है नोटिस
- सिस्टम के तहत लगे कैमरे चौराहों पर वाहनों की रफ्तार से लेकर कार में सीट बेल्ट, दो पहिया वाहन में हेलमेट जैसे नियमों के आधार पर स्थिति तय कर नोटिस जनरेट करते हैं। स्मार्टसिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में बैठी टीम इसका वैरिफिकेशन कर नोटिस को संबंधित वाहन के मालिक के नाम जारी कर देती है। शहर में करीब 27 चौराहों पर ये सिस्टम के कैमरे लगा रखे हैं।

इस तरह टूट रहा बीआरटीएस
- जीजी फ्लाइओवर और मेट्रो ट्रेन के लिए गणेश मंदिर से बोर्ड ऑफिस तक पूरा बीआरटीएस टूट गया है। यहां से लिंक रोड व न्यू मार्केट, रोशनपुरा चौराहा तक डेडिकेटेड लेन नहीं है। यहां से बाणगंगा चौराहा से आगे वीआइपी चौराहा व कमलापार्क, रेतघाट के बाद फिर वन वे ट्रैफिक है। लालघाटी में भी ब्रिज से डेडिकेटेड लेन टूट गई है। बैरागढ़ की ओर डेडिकेटेड लेन ट्रैफिक की उलझन में है और हटाने की कवायद की जा रही है। सावरकर ब्रिज से मिसरोद के बीच बीयू से मिसरोद तक एलीवेटेड लेन के लि साढ़े पांच किमी का बीआरटीएस टूटेगा। इसी तरह सेज से आशिमा तक ब्रिज और विद्यानगर आइएसबीटी के लिए चौराहा विकसित करने के लिए भी ये टूटेगा।