
भोपाल। सोते समय खर्राटे आना अक्सर आम माना जाता है, लेकिन, लेकिन ध्यान रहे यदि आपको भी ये समस्या है तो ये जान लें कि यह गंभीर बीमारियों का कारण और संकेत हो सकता है। एक शोध के अनुसार शहर के हर चौथे वयस्क पुरुष और सातवी-आठवीं महिलाएं इस समस्या से जूझ रही हैं। एम्स भोपाल के डॉक्टरों के अनुसार, इसका समय रहते उपचार न होने पर जान भी जा सकती है। खर्राटे आना स्लीप एपनिया नामक एक गंभीर स्लीप डिसऑर्डर है। इसी बीमारी के चलते संगीतकार बप्पी लाहिड़ी, अमेरिकी के दो भूतपूर्व राष्ट्रपति विलियम हार्वर्ड टेफ्ट व कैरी फिशर जैसी हस्तियों की मौत हो चुकी है।
दो हजार का अब तक इलाज
अब तक एम्स भोपाल में इस बीमारी से जूझ रहे 2000 से अधिक लोगों का इलाज किया जा चुका है। स्लीप एपनिया के परीक्षण और उपचार के लिए एम्स में अत्याधुनिक लैब मौजूद है। वहीं किसी भी तरह की जानकारी के लिए फोन नंबर 0755-2834243 पर संपर्क किया जा सकता है।
इन बीमारियों का खतरा
स्लीप एपनिया की वजह से डायबिटीज, हृदय रोग, हार्ट फेलियर, हाइपरटेंशन, मोटापा और स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। स्लीप एपनिया किसी भी उम्र के व्यक्ति को, यहां तक की बच्चों को भी हो सकता है। स्लीप एपनिया के कई कारण हो सकते हैं। इनमें बढ़ता मोटापा या शरीर का अत्यधिक वजन सबसे प्रमुख कारण है। मोटापा से सांस की नली में रुकावट होती है।
स्लीप एपनिया के लक्षण
-तेज खर्राटे आना
-अत्यधिक थकान होना
-काम में मन नहीं लगना
-भूलने की आदत पडऩा
-चिंता, अवसाद, सिर दर्द और योन रोग का होना
वहीं इस मामले में एम्स के स्लीप स्पेशलिस्ट डॉ. अभिषेक गोयल का कहना है कि स्लीप एपनिया गले की मांसपेशियों से सांस की नली के बंद होने से होता है। बीमारी गंभीर स्तर तक पहुंच जाती है तो एक रात में सैकड़ों बार खर्राटे आ सकते हैं। इससे शरीर के अंगों में ऑक्सीजन का फ्लो कम हो जाता है। जो दिल व मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।
Published on:
05 Feb 2023 02:56 am
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