
Rajya Sabha
भोपाल. राज्यसभा सांसद के रूप में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के मामले में अब तक महिलाओं को पीछे ही रखा गया है। वर्ष 1952 से अब तक मध्यप्रदेश के कोटे से निर्वाचित राज्यसभा सांसदों की सूची में सिर्फ 10 महिलाएं ही उच्च सदन तक पहुंचीं। इनमें रुकमणी बाई और रतन कुमारी को तीन-तीन बार चुनकर राज्यसभा सांसद बनीं। अब तक भाजपा से चार महिलाएं ही राज्यसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर सकी हैं, जबकि कांग्रेस से इनकी संख्या 6 रही। इस बार के राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने पूर्व मंत्री रंजना बघेल का पर्चा भरवाया है, लेकिन उन्हें डमी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतारा है। प्रदेश की आधी आबादी को उच्च सदन राज्यसभा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका है।
मध्यप्रदेश से ये महिलाएं पहुंची राज्यसभा
शमीउल्ला खान 1952 से 1954
कृष्णा कुमारी 1954 से 1960
रुकमणी बाई 1956 से 1962 (तीन बार)
रतन कुमारी 1986 से 1992 (तीन बार)
सईदा खातून 1986 से 1992
मैवल रिबेलो 1998 से 2004
माया सिंह 2003 से 2014 (दो बार)
अनुसुइया उइके 2006 से 2012
नजमा हेपतुल्ला 2012 से 2016
सम्पतिया उइके 2017 से 2022
प्रदेश से वर्तमान राज्यसभा सांसद
दिग्विजय सिंह, प्रभात झा, सत्यनारायण जटिया, सम्पतिया उइके, एमजे अकबर, विवेक तन्खा, अजय प्रताप सिंह, कैलाश सोनी, थावरचंद गेहलोत, धर्मेंद्र प्रधान, राजमणि पटेल।
राजस्थान में अब 8 महिला सांसद
राज्यसभा में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने के मामले में अब तक महिलाओं को पीछे रखा है। 1952 से अब तक प्रदेश के कोटे से निर्वाचित राज्यसभा सांसदों की सूची में 139 में से 8 महिलाएं ही 11 बार राज्यसभा में पहुंची हैं। शारदा भार्गव तीन और प्रभा ठाकुर कांग्रेस से दो बार सांसद रह चुकी हैं। भाजपा से एक भी महिला राज्यसभा नहीं पहुंच पाई है।
26 मार्च को होगा चुनाव
राज्यसभा के सांसदों के चुनाव की प्रक्रिया थोड़ी जटिल है। इसमें लोग सीधे सांसदों का चुनाव नहीं करते हैं। राज्यसभा की चुनाव प्रक्रिया को 'इनडायरेक्ट इलेक्शन' कहा जाता है। 26 मार्च को राज्यसभा की 55 सीटों के लिए चुनाव होना है।
Published on:
14 Mar 2020 06:53 pm

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