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सूर्य देव नहीं निकले तो अंधेरे में डूब जाएंगी आंगनबाड़ी

बिजली न होने के कारण आंगनबाडिय़ों में काम करना मुश्किल हो रहा है। इसकी दर्जनों शिकायतें महिला एंव बाल विकास विभागों से लेकर मंत्रालय तक पहुंच चुकी हैं। जिसके बाद अब तक किया गया है कि केन्द्रों को सौर ऊर्जा से रौशन किया जाए।

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Pankaj Shrivastav

Jul 29, 2017

Anganwadi located 14 which come read Children phot

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सिनो-

भोपाल। आंगनबाडिय़ों के जिम्मे है कि वे हर छोटे-बड़े शहर, गांव, कस्बे में पहुंच कर बच्चों के भविष्य को चमकाने की कोशिश करें लेकिन जब आंगनबाडिय़ां ही अंधेरे में गुम होंगी तो बच्चों के भविष्य में चार चांद कहां से लगेंगे। आपको बता दें कि मप्र में आज भी 5 हजार से ज्यादा ऐसी आंगनबाडिय़ां हैं जो जरा सी बारिश में पानी से लबालब हैं और बिजली न होने के कारण अंधेरे में डूब गईं हैं।

सौर ऊर्जा की दरकार
बिजली न होने के कारण आंगनबाडिय़ों में काम करना मुश्किल हो रहा है। इसकी दर्जनों शिकायतें महिला एंव बाल विकास विभागों से लेकर मंत्रालय तक पहुंच चुकी हैं। जिसके बाद अब तक किया गया है कि केन्द्रों को सौर ऊर्जा से रौशन किया जाए। महिला-बाल विकास पहल पर यूएन वूमन संस्था और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के सहयोग से प्रदेश के 20 हजार आंगनवाड़ी केंद्र सौर ऊर्जा से रोशन करने की योजना तैयार की गई है। सौर ऊर्जा पैनल और बैटरी सेट के साथ एक पंखा एवं लाइट की व्यवस्था भी की जाएगी।

पर नहीं निकले सूरज तो..
विभाग ने इस योजना के लिए बजट प्रस्ताव तैयार कर लिया है। लेकिन अब समस्या इस बात की है कि यादि सभी जरूरी सामानों की खरीददारी कर उन्हें केन्द्रों में फिट कर भी दिया जाए तो भी फायदा नहीं होगा। क्योंकि इस मौसम में सूर्य देव दर्शन नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण सौर ऊर्जा यंत्र रिचार्ज ही नहीं हो सकेंगे। ऐसे में इस साल भी आंगनबाडिय़ां अंधेरे में ही काम करने वाली हैं।