
भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग ने पिछले सत्र 2021-22 में कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान जो गड़बड़ियां की थीं, उनसे सबक लिया है। इस बार परेशानियों को दूर करने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। जुलाई से शुरू होने वाले नए सत्र में प्रवेश से पहले छात्रों-प्राध्यापकों के मन में आने वाले 65 तरह के प्रश्नों के उत्तर जारी किए गए हैं, ताकि सालभर सुधार-संशोधन में समय बर्बाद ना हो।
कुछ गंभीर तो कुछ रोचक सवाल
प्रश्नावली में कुछ गंभीर हैं तो कुछ रोचक सवाल भी हैं। जैसे च्वाइस फिलिंग लॉक करने के बाद परिवर्तन कैसे करें। 12वीं में पूरक प्राप्त विद्यार्थी पंजीयन के लिए पात्र होंगे। आवेदन क्रमांक और पासवर्ड गुम या भूलने पर कैसे मिलेगा। पंजीकृत मोबाइल नंबर गुमने पर ओटीपी कैसे मिलेगा। क्या एक ही कॉलेज में एक से अधिक कोर्स का चयन किया जा सकता है जैसे सवालों के जवाब हैं।
सालभर ना पूछें 1760 तरह के सवाल: अकादमिक शाखा के पास कॉलेजों से सालभर 1760 तरह की जिज्ञासाएं आती रहती हैं। इसके बाद सुधार-संशोधन में भी समय बर्बाद होता है। कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले छात्रों, अभिभावकों और फैकल्टी के लिए उच्च शिक्षा आयुक्त कार्यालय ने प्रवेश, विषय चयन, सिलेबस, परीक्षा, मूल्यांकन से जुड़े सवालों को समेटते हुए 65 प्रकार की प्रश्नावली और उत्तर जारी किए हैं।
छात्रों को अपनानी होगी यह प्रक्रिया
विद्यार्थी ऑनलाइन पंजीयन करवाएगा। स्नातक प्रथम वर्ष के लिए विषय समूह का चयन करेगा। 10वीं-12वीं की अंकसूचियों, मूल निवासी प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र समेत अन्य दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करेगा। इनका ऑनलाइन ही सत्यापन होगा। उच्च शिक्षा ने कोशिश की है कि जब तक कोई बड़ी समस्या ना हो, छात्र-छात्रा को कॉलेज नहीं जाना पड़ेगा।
परेशानी से निजात दिलाने की है कोशिश
उच्च शिक्षा आयुक्त दीपक सिंह के अनुसार नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद प्रवेश- प्रक्रिया के दौरान छात्र-छात्राओं, कॉलेज फैकल्टीज, अभिभावकों के मन में कई तरह के प्रश्न उठते हैं। इसलिए प्रश्नोत्तरी के माध्यम से कोशिश की गई है कि इस स्थिति से उन्हें निजात मिले। इसके बाद भी अगर कोई दिक्कत होगी तो प्राचार्य से लेकर विभाग की टीम मदद करेगी।
Published on:
09 May 2022 10:01 am
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