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साढे 12 हजार लीटर की हांडी में बनी साढ़े पांच हजार किलो खिचड़ी, फिर हुआ भंडारा

आधारशिला के सांई मंदिर में विशेष भंडारा

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भोपाल

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Sunil Mishra

Oct 16, 2019

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भोपाल/अवधपुरी की आधारशिला कॉलोनी में स्थित सांई बाबा मंदिर के ग्यारहवें स्थापना दिवस एवं साईंबाबा की पुण्यतिथि के 101 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को भंडारे का आयोजन किया गया। लेकिन यह आयोजन अन्य भंडारों से जरा हटकर था। यहां 12 हजार 500 लीटर की हांडी में 5501 किलोग्राम शाही खिचड़ी बनाई गई। इसमें दाल-चावल के साथ सभी प्रकार की सब्जियों का उपयोग किया गया।

दोपहर में भंडारा शुरू हुआ तो यह रात तक जारी रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने खिचड़ी प्रसाद का सेवन किया। भंडारे का प्रबंधन देखने वाले आरके महाजन ने बताया कि सांई मंदिर में स्थायी रूप से साढे 12 हजार लीटर की हांडी बनाई गई है। भंडारे के लिए एक दिन पहले से ही सब्जियों की कटाई शुरू की गई थी।

इसके बाद मंगलवार सुबह हांडी चढा़कर खिचड़ी बनाई गई। इसके लिए श्रद्धालुओं ने भी सामग्री दान दी। सांई बाबा भी प्रतिदिन इसी प्रकार खिचड़ी बनाकर लोगों को प्रेम से खिलाते थे। यह आयोजन पिछले 11 साल से चल रहा है। मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और विशेष अतिथि विधायक कृष्णा गौर थी।

बिना संयम पथ ग्रहण करे बिना मोक्ष नहीं मिलता

भोपाल. शंकराचार्य नगर जैन मंदिर में चतुर्मास साधना में लीन आचार्य मुनि पुराण सागर ने मंगलवार को भक्तों को सीख देते हुए कहा कि बिना संयम के पथ ग्रहण करे मोक्ष नहीं मिलता है, प्रत्येक प्राणी को संयम में रहना चाहिए। यह बात कहने में जितनी सरल है अपनाने में उतनी ही कठिन है। विवेक पूर्वक कार्य करते हुए हिंसा आदि ना होने देना ही संयम कहलाता है, पर पदार्थ यानी मिथ्यात्व भाव कषाय भाव रागदि भाव हिंसा भाव आदि का त्याग करना एवं पंच इंद्रियों के विषयों के जीतना ही संयम है।

सतत संयम, साधना के पथ चल कर आत्म कल्याण की और अग्रसर रहते हुए समाधि मरण के साथ देह का विसर्जन हो यही हमारी भावना ग्रहण करने योग्य गुरु वचन होते हैं। मुनि महाराज के दर्शन करने मंगलवार को सागर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए जिन्होंने उन्हें श्रीफल भेंट कर नमन किया।