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स्पेशल डीजी राणा ने बंद किए 25 आसामी कर्मचारियों के मामले, लोकायुक्त ने 12 प्रकरणों को किया रीओपन

लोकायुक्त कार्यालय ने कर्मचारियों और विभाग से मांगी आय की जानकारी, अपने स्तर पर भी की पड़ताल शुरू लोकायुक्त ने इन कर्मचारियों के संबंध में विभागों से जानकारी बुलाई है

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भोपाल

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Ashok Gautam

Mar 11, 2022

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भोपाल। लोकायुक्त में पदस्थ रहे Special DG Sanjay Rana की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। उनके समय में बिना पड़ताल के बंद किए गए 25 शासकीय कर्मचारियों के आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामलों में से 12 प्रकरणों को लोकायुक्त ने रीओपन कर दिया है। अब इन कर्मचारियों की नए सिरे से संपत्ति की जानकारी विभागों से बुलाई गई है। लोकायुक्त कार्यालय भी इन कर्मचारियों के संपत्ति की पड़ताल अपने मैदानी अधिकारियों से करने के लिए कहा है। जिन कर्मचारियों के मामले दोबारा खोले गए हैं ये सभी कर्मचारी वर्ग तृतीय और चतुर्थ वर्ग के हैं, ये लंबे समय से मलाईदार विभागों में पदस्थ थे।
यह मामला एक वर्ष पुराना है। लोकायुक्त में पदस्थ तत्कालीन स्पेशल डीजी संजय राणा ने प्रदेश में 25 कर्मचारियों के आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रकरण को बंद कर दिया था। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद ही इस मामले की Lokayukta Office में शिकायतें हुईं। जिसमें यह कहा गया कि इन मामलों को कथित तौर पर लेनदेन कर बंद किया गया है। इसके बाद लोकायुक्त एनके गुप्ता ने इन सभी मामलों की पड़ताल और जांच करने के निर्देश दिए। जांच के दौरान यह पाया गया कि 25 कर्मचारियों में से 10 employees की जांच और कार्रवाई स्पेशल डीजी संजय राणा के समय सही पाई गई। ये मामले बंद करने योग्य थे, इससे इन प्रकरणों को बंद रखा जाए। जबकि तीन अन्य कर्मचारियों की मौत हो चुकी है, जिससे उनके मामलों को खोलना सही नहीं हैं। जबकि 12 प्रकरणों में यह पाया गया कि इन प्रकरणों को बिना परीक्षण किए ही बंद कर दिए गए हैं। इसके चलते अब इसकी फिर से जांच शुरू कर दी गई है। लोकायुक्त ने इन कर्मचारियों के संबंध में विभागों से जानकारी बुलाई है, इसके साथ ही इन कर्मचारियों से भी जवाब सवाल किया गया है।इस संबंध में संजय राणा से फोन के जरिए चर्चा करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया और मैसेज का जवाब भी नहीं दिया।


कोर्ट ने कर्मचारियों की अपील को अस्वीकारा
कर्मचारी लॉबी एक कर्मचारी संगठन के जरिए हाईकोर्ट में इन केसों को रीओपन न करने के संबंध में अपील की थी। इस मामले में कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने लोकायुक्त कार्यालय के फैसले को जायज ठहराते हुए केस को रीओपन करने पर अपनी सहमति दे दी है। कोर्ट के फैसले के बाद लोकायुक्त कार्यालय ने इनकी जांच को फिर से शुरू कर दी है।

इन जिलों में कर्मचारियों के मामले
जिला -- कर्मचारियों के रीओपन केसों की संख्या
भोपाल में ----4
सागर ------4
इंदौर--------2
रीवा-------1
उज्जैन -----1