
Kumbh Mela 2025:मध्य प्रदेश से प्रयागराज के कुंभ मेले में शामिल होने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है। भारतीय रेलवे ने मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए दो स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। यह ट्रेन राजस्थान और रानी कमलापति स्टेशन से शुरू होंगी और प्रयागराज होते हुए सीधे वाराणसी तक जाएंगी। ट्रेन में स्लीपर और एसी दोनों श्रेणी के कोच लगाए जा रहे हैं। यह ट्रेन जनवरी से फरवरी तक चलेगी जिसमे मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान से कुंभ मेले में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं का भी ध्यान रखा गया है। रेलवे ने दोनों स्पेशल ट्रेनों का टाइम टेबल भी जारी कर दिया है।
ये स्पेशल ट्रेन रानी कमलापति से चलकर वाराणसी तक जाएगी। यह ट्रेन एमपी के मंडीदीप, ओबेदुल्लागंज, बुधनी, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), इटारसी, सोहागपुर, पिपरिया गार्डरवारा, करेली, नरसिंहपुर, श्रीधाम, मदनमहल, जबलपुर जं., देवरी, सिहोर, कटनी, जुकेही, मैहर, सतना मझगवां से होते हुए उत्तर प्रदेश के मानिकपुर प्रयागराज, मिर्जापुर से होते हुए वाराणसी जाएगी।
रानी कमलापति से ये ट्रेन- 16 जनवरी, 20 जनवरी, 23 जनवरी, 6 फरवरी, 17 फरवरी और 20 फरवरी को चलेगी।
वाराणसी से ये ट्रेन- 17 जनवरी, 21 जनवरी, 24 जनवरी, 7 फरवरी, 18 फरवरी और 21 फरवरी को चलेगी।
कुम्भ मेला एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन के नाम से ये ट्रेन जानी जाएगी जो राजस्थान सोगरिया से वाराणसी तक चलेगी। यह ट्रेन राजस्थान के अंनाह, बरन, आतरु, छाबरा बुगोर से एमपी के थियाई जंक्शन, गुना, अशोक नगर, मुंगावली, महादेवखेड़ी टीएच, मालखेड़ी खुरई, नारिओली, सागर, गिरवर, गणेशगंज, पथरिया, दमोह, बांदकपुर, रीठी, कटनी जं, जुकेही, मैहर, सतना जं., जैतवार, मझगवां से होते हुए मानिकपुर प्रयागराज में रुक कर सीधे वाराणसी जाएगी।
सोगरिया से ये ट्रेन- 17 जनवरी, 21 जनवरी, 24 जनवरी, 07फरवरी, 14 फरवरी, 18 फरवरी और 21 फरवरी को चलेगी।
वहीँ, वाराणसी से ये ट्रेन- 8 जनवरी, 22जनवरी, 25 जनवरी, 08फरवरी, 15फरवरी, 19 फरवरी, 22 फरवरी को चलेगी।
प्रयागराज में शुरू होने वाला यह कुंभ मेला इस बार पूर्ण कुंभ मेला है जो 12 साल में एक बार होता है। यह मेला 13 जनवरी, 2025 को पौष पूर्णिमा के दिन शुरू होगा और महाशिवरात्रि व्रत यानि 26 फरवरी, 2025 को समाप्त होगा। पिछली बार साल 2019 में प्रयागराज में अर्ध महाकुंभ का आयोजन किया गया था जिसमे करीब 150 मिलियन लोग शामिल हुए थे। हालांकि, इस बार अनुमान लगाया जा रहा है कि यहां 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचने वाले हैं। प्रयागराज के संगम किनारे इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। संगम के दौरान गंगा और यमुना नदी का साक्षात रूप देखने को मिलता है और सरस्वती नदी का अद्श्य रूप से मिलन होता है।
Published on:
14 Dec 2024 02:56 pm
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