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ऑनलाइन बिल अपलोड कीजिए और जीतिए इनाम

वाणिज्यिक कर विभाग की पहल,1 अक्टूबर से प्रदेश में शुरू हुई योजना

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भोपाल. वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी)के अंतर्गत प्रदेश सरकार ने नई योजना शुरू की है। इसके तहत हर वह उपभोक्ता जो 200 रुपए या उससे ऊपर की खरीदी पर बिल लेता है और उसे वेबसाइड पर डाउनलोड करता है उसे ड्रॉ के माध्यम से विभाग ईनाम देगा। योजना 1 अक्टूबर से लागू हो गई है। उपभोक्ता अपने बिल ऑनलाइन विभाग की वेबसाइड (एमपी टैक्स.एमपी.गवर्नमेंट.इन) पर अपलोड कर सकते हैं। यहां बिल और पूरी खुद की जानकारी (नाम, पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल इत्यादि) अपलोड करने के बाद रेंडमली लकी विजेताओं का चयन किया जाएगा। इसका निर्णय वाणिज्यिक कर विभाग इंदौर स्थित मुख्यालय द्वारा लिया जाएगा। नियमानुसार विक्रेता द्वारा दिए गए बिल को 15 दिन के भीतर विभाग के वेबपोर्टल पर अपलोड करना होगा।

प्रथम पांच विजेताओं को मिलेंगे 10-10 हजार
विजेता रहने वाले प्रथम पांच उपभोक्ताओं को 10-10 हजार, द्वितीय 10 को पांच-पांच और तीसरे नंबर पर 15 उपभोक्ताओं को तीन-तीन हजार रुपए की राशि इनाम स्वरूप दी जाएगी। उक्त इनाम की राशि संबंधित उपभोक्ता द्वारा ऑनलाइन दी गई बैंक डिटेल के आधार पर पहुंचा दी जाएगी। योजना में हर तीन माह में एकत्रित किए गए बिल और बिल धारक पात्र होंगे।

शराब, डीजल-पेट्रोल और ट्रैक्स फ्री आयटम दूर
पुरस्कार योजना में शासन द्वारा निर्धारित टैक्स फ्री आयटम, डीजल-पेट्रोल, शराब और एलपीजी, सीएनजी, पीएनजी के बिल मान्य नहीं होंगे। अन्य रोजमर्रा के जीवन में उपयोग आने वाली वस्तुओं के बिल अपलोड किए जा सकते हैं। वहीं, दो सौ रुपए से कम राशि का बिल भी मान्य नहीं होगा।

बिल लेने की आदत डालने की कोशिश
देश में जीएसटी लागू हुए डेढ़ साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन आज भी अधिकांश लोग टैक्स के भार से बिल लेना उचित नहीं समझते। विभाग की यह पहल उपभोक्ताओं को जागरूक करने और उनमें बिल लेने के समझ पैदा करने के लिए की गई है।


आम उपभोक्ता जो बाजार से 200 रुपए या इससे सामान की खरीदी करते हैं वे बिल अपलोड कर योजना में शामिल हो सकते हैं। लॉटरी सिस्टम से ऑनलाइन ही उन्हें इनाम दिया जाएगा। जिसका चयन वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा बनाई गई कमेटी ही करेगी।
-आरपी श्रीवास्तव, संयुक्त आयुक्त, राज्य कर