
H3N2 virus
भोपाल. देश भर में एच3एन2 वायरस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी बीच भोपाल में प्रदेश का पहला मामला सामने आया है। इसकी पुष्टि एम्स भोपाल की रीजनल वायरोलॉजी लैब में हुई है। इसकी जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। जिस मरीज में इस वायरस की पुष्टि की गई है उसे हल्की सर्दी जुकाम के साथ बुखार की शिकायत है, हालांकि मरीज की स्थिति पूरी तरह ठीक है। जानकारी के अनुसार बैरागढ़ के रहने वाले 26 साल के एक शख्स ने वायरल होने के बाद जांच कराई। एच3एन2 वायरस की जांच के लिए सैंपल को एम्स भोपाल भेजा गया। जहां उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि एक व्यक्ति की एच3एन2 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सूचना मिलने पर विभाग की टीम ने मरीज की जांच की है। मरीज की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। मरीज घर पर ही है और उसकी िस्थति ठीक है।
अस्पतालों के लिए अलर्ट जारी
एच3एन2 वायरस का प्रदेश में पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने एच3एन2 संक्रमण से बचाव के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर हमीदिया और जेपी अस्पताल में 10 बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाए जाएंगे। वहीं एम्स भोपाल की लैब और जीएमसी में मौजूद स्टेट वायरोलॉजी लैब में लक्षण वाले रोगियों के सैंपल भेजकर जांच कराई जा सकती है। इन दोनों लैब में जांच की सुविधा मुफ्त होगी। वहीं निजी अस्पतालों और लैब में इसकी जांच डेढ़ हजार से दो हजार के बीच होती है। डॉक्टरों के अनुसार यह वायरस कोविड की तरह खतरनाक नहीं है, लेकिन फेफड़ों पर असर डाल रहा है। साथ ही संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने पर 20 से अधिक लोगों पर असर डाल सकता है।
ऐसी स्थिति में टेस्ट जरूर कराएं
गांधी मेडिकल कॉलेज के श्वांस रोग विभाग में सीनियर रेजिडेंट डॉ. हरीश पाठक के अनुसार मरीज में गंभीर लक्षणों को देखकर इन्फ्लुएंजा वायरस का टेस्ट कराया जाता है। यदि किसी को लगातार तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत होना, काफी दिनों तक खांसी आने जैसे लक्षण देखे जाएं तो डॉक्टर की सलाह पर टेस्ट कराना चाहिए।
साफ सफाई और सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी
संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह से धोएं, मास्क पहनें एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, मुंह और नाक को ढकें। छींकते और खांसते समय मुंह को ढंक कर रखें, अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें, हाथों से बार-बार आंख और नाक को छूने से बचें। बुखार और बदनदर्द हो तो पैरासिटेमॉल टेबलेट का सेवन कर सकते हैं। कोरोना संक्रमण के समय जारी गाइडलाइन का अनुसरण करें, स्वयं सुरक्षित रखें और परिवार को भी सुरक्षित करें।
जेपी अस्पताल में टीम को रखा गया अलर्ट मोड पर
जेपी अस्पताल के अधीक्षक डॉ राकेश श्रीवास्तव के अनुसार एच3एन2 को देखते हुए तैयारियां की गई हैं। जिसमें एक टीम का गठन किया गया है। साथ ही बीमारी को लेकर अलर्ट रहने को कहा गया है। इसके अलावा अस्पताल में दवाओं से लेकर मरीज की देखभाल के लिए भी पूरी व्यवस्था की गई है। हालांकि अब तक किसी भी मरीज की जांच कराने की जरूरत नहीं आई है।
वर्जन
इन्फ्लूएंजा सब टाईप एच-3, एन-2 के संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए हाथ न मिलाएं, छू कर अभिवादन न करें, सार्वजनिक स्थलों पर न थूकें, दूसरों के साथ नजदीक बैठकर भोजन ग्रहण न करें, एंटीबायोटिक औषधि का सेवन बिना चिकित्सक के परामर्श के न करें।
-डॉ. प्रभाकर तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
Updated on:
17 Mar 2023 12:49 am
Published on:
17 Mar 2023 12:48 am
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