भोपाल. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। हालांकि इस दौरान कई नेता बागी हो गई तो कई नेताओं ने पार्टी का साथ छोड़कर दूसरे दल का दामन थाम लिया। दोनों ही दलों में बागियों की फेहरिस्त लंबी है, लेकिन सबसे बड़ा नुकसान भाजपा को हुआ। भाजपा के वरिष्ठ नेता सरताज सिंह इस चुनाव में कांग्रेसी हो गए। उन्होंने भाजपा में अगला लालकृष्ण आडवाणी होने से इंकार कर दिया और विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा के खिलाफ मैदान में उतर गए। चारों ओर से विरोध के बीच भाजपा के कई नेता बागी हुए। बाबूलाल गौर की नाराजगी को दूर करने के लिए भाजपा ने उनकी बहू कृष्णा गौर को गोविंदपुरा से मैदान में उतरा पर भाजपा सरताज सिंह को मनाने में नाकाम रही।