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पालतू चूहे की मौत, छात्रा ने पार्क में दफनाकर दी श्रद्धांजलि, फिर फांसी लगाकर की खुदकुशी

अयोध्या नगर में सातवीं की छात्रा ने उठाया आत्मघाती कदम, छात्रा ने चूहे की मौत के बाद पार्क में उसे दफनाया इसके बाद श्रद्धांजलि देकर घर आई और कमरे में

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भोपाल. पालतू सफेद चूहे की मौत के गम में सातवीं की छात्रा ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। छात्रा ने चूहे की मौत के बाद पार्क में उसे दफनाया इसके बाद श्रद्धांजलि देकर घर आई और कमरे में जाकर मौत को गले लगा लिया। पुलिस को घटना स्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। परिजनों का संदेह कि छात्रा ने डिप्रेशन में आकर आत्मघाती कदम उठाया होगा। पुलिस के मुताबिक, मूलत: राजगढ़ निवासी महेन्द्र सिंह राठौर बड़े किसान हैं, साथ ही मोबाइल टावर मेंटेनेंस का काम करते हैं। उनकी पत्नी वसुंधरा गृहिणी हैं। वंसुधरा अपनी 12 वर्षीय बेटी दिव्यांशी, 9 वर्षीय प्रियदर्शिनी और 7 वर्षीय बेटे सूर्यवर्धन को पढ़ाने के लिए सुरभि विहार, अयोध्या नगर मेंं किराए के मकान में रह रही हैं। दिव्यांशी शहर के एक नामी स्कूल में सातवीं में पढ़ती थी। शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे दिव्यांशी अपने कमरे में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना का खुलासा तब हुआ जब मां उसे कमरे में देखने पहुंची। काफी देर तक दरवाजा नहीं खोलने पर उन्होंने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा और फंदा काट कर शव नीचे उतारा। तब तक काफी देर हो चुकी थी।

दिव्यांशी को चूहे से था बहुत लगाव


पुलिस का कहना है कि चार दिन पहले ही दिव्यांशी के पिता बच्चों की जिद पर एक सफेद चूहा लेकर घर आए थे। चंद दिनों में ही दिव्यांशी का चूहे से अधिक लगाव हो गया। वह उसका हर वक्त ख्याल रखती थी। स्कूल से लौटने के बाद मां से सबसे पहले चूहे का दिनभर का हाल-चाल पूछती थी। अधिकतर वक्त वह चूहे के साथ ही बिताती थी। शुक्रवार सुबह अचानक चूहे की मौत हो गई। इसके बाद से वह काफी दुखी थी। इससे पहले उसके एक पालतू कुत्ते की मौत हुई थी। तब भी वह उदास रहती थी।


मां ने फेंकने को कहा, दुखी मन से पार्क में दफनाया

चूहे की मौत के बाद दिव्यांशी ने शव को फेंकने के लिए छोटी बेटी को कहा। इस पर दिव्यांशी ने मां को रोका। उसने दुखी मन से रोते हुए अपने पालतू चूहे को घर के सामने पार्क में दफनाया। कब्र पर फूल रखकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद अपने कमरे में चली गई। थाना प्रभारी बलजीत सिंह ने बताया किप्रारंभिक जांच में सामने आया कि चूहे की मौत के बाद दिव्यांशी डिप्रेशन में आ गई थी। वह काफी भावुक थी। चूहे को दफनाते हुए काफी रो रही थी। हालांकि सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या की असल वजह नहीं पता चल सकी। दिव्यांशी के पिता महेन्द्र सिंह ने कहा कि बेटी जानवरों से काफी जुड़ी थी। वह हमेशा जानवरों के अधिकार को लेकर बात करती थी। हाल ही में घर में एक पालतू कुत्ते की मौत हुई थी इसके बाद से वह डिप्रेशन में थी। चार दिन पहले ही चूहा खरीदा था।

कैंसर पीडि़त युवक ने फांसी लगाकर की आत्म हत्या
भोपाल. हबीबगंज थाना क्षेत्र में एक साल से कैंसर से पीडि़त युवक ने अपने भाई के घर फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवार के लोगों का कहना है कि युवक ने कैंसर से पीडि़त होकर आत्म हत्या की है। मामले में पुलिस जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार दुर्गा नगर झुग्गी नंबर 121 निवासी दिलसाद पिता शाादिक बेग (35) पिछले एक साल से कैंसर से पीडि़त था। कैंसर के कारण वो चल भी नहीं पाता था। इस कारण वो अपने भाई इरसाद के घर पिछले एक महीने से रह रहा था । वहां से उसे डॉक्टर को दिखाने में आसानी होती थी। शुक्रवार सुबह जब इरसाद ने भाई दिलसाद को बिस्तर पर नहीं देखा तो वे पहले बाथरूम में देखने गए लेकिन वहां भी नहीं दिखे। करीब एक घंटे बाद जब नहीं आए तो आस-पास ढ़ूढऩे निकल गए लेकिन कहीं पर कोई पता नहीं चल पाया है। करीब दो घंटे बाद इरसाद की पत्नी कमरे में गई तो दिलसाद को फंदे पर लटके हुए देखा। फंदे पर देवर को लटके देख तेज आवाज से चिल्लाई। शोर सुनकर आस-पास के लोग मौके पर आ गए। लोगों ने पुलिस को फोनकर इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतार और पीएम के लिए हमीदिया अस्पताल भेज दिया। पीएम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। मामले में जांचकर्ता उप निरीक्षक एपी यादव ने बताया कि शुरूआती जांच में युवक के मौत के पीछे कैंसर की बीमारी ही कारण आ रहा है। मामले में जांच की जा रही है।