
'मनुष्य केवल हाड़-मांस का पुतला नहीं है, वह ईश्वर का अंश और अनंत शक्तियों का भंडार है'
भोपाल. स्वामी विवेकानंद की 157वीं जयंती के मौके पर मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक ब्लॉग लिखा है। शिवराज सिंह चौहान ने लिखा- आज स्वामी विवेकानंद जी की जयंती है। स्वामी विवेकानंद जी को मैं बचपन से पढ़ता रहा हूँ। वे मेरी प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा था, मनुष्य केवल साढ़े तीन हाथ का हाड़-माँस का पुतला नहीं है। वह अमृत का पुत्र है, ईश्वर का अंश है, अमर-आनंद का भागी है और अनंत शक्तियों का भंडार है। दुनिया में कोई काम ऐसा नहीं जो वो न कर सके।
स्वामी विवेकानंद जी के ये वाक्य मुझे आज भी उत्साह और ऊर्जा से भर देते हैं और में एक नई ऊर्जा से फिर काम में जुट जाता हूं। आइये, स्वामी विवेकानंद जी को पढ़ें, समझें, प्रेरणा प्राप्त करें और आगे बढ़ें व देश को आगे बढ़ाएं। स्वामी जी ने कहा, मुझे केवल सौ नौजवान चाहिए, ऐसे जिनकी मांसपेशियाँ लोहे की हों, स्नायु स्पात के हों, जो दृढ़ संकल्पित हों और अपना सारा जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दें। क्या हम उन सौ में से एक बनने का प्रयास कर सकते हैं? स्वामी जी ने कहा था, अपने लिए तो सब जीते हैं, कीट-पतंगे भी और पशु-पक्षी भी। अपने लिए जिये तो क्या जिये। जीते वास्तव में वो हैं जो औरों के लिए जीते हैं, देश के लिए, समाज के लिए जीते हैं।
क्या हम अपने देश और समाज के लिए जीने का संकल्प लेंगे? स्वामी जी ने कहा था, दरिद्र ही हमारा नारायण है। उसकी सेवा भगवान की पूजा है। आइये, हम संकल्प लें कि सेवा के व्रत को अपनाकर गरीब के जीवन में बेहतरी लाने का प्रयास कर अपने जीवन को सफल, सार्थक और धन्य बनाएँ। स्वामी जी का सपना था एक वैभवशाली भारत, गौरवशाली भारत, सम्पन्न, समृद्ध व शक्तिशाली भारत का निर्माण। स्वामी जी के सपने को यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी साकार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री व गृहमंत्री अमित शाह जी की पूरी टीम को इसके लिए बधाई और धन्यवाद।
Published on:
12 Jan 2020 03:01 pm

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