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सर्दी, बुखार, खासी वाले बच्चों की पहचान करेंगे टीचर

कोरोना वायरस के संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा।

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भोपाल

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Amit Mishra

Mar 05, 2020

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भोपाल। स्कूली शिक्षा विभाग ने कोरोना वायरस को लेकर गाइडलाइन जारी की है। स्कूली शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि सभी शिक्षक स्कूल में ऐसे बच्चों की पहचान करें जिन्हें बुखार,सर्दी, खासी आदि है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों की पहचान कर जिनको कुछ दिनों से सर्दी, खासी और बुखार है। ऐसे बच्चों को शिक्षक घर में ही रहने को कहें।

कोरोना वायरस को देखकर दिए निर्देश
देश और प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना वायरस को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए है। इतना ही नहीं निर्देश में ये भी कहा गया है कि शिक्षकों कि अगर को बच्चा सर्दी, खासी और बुखार से पीड़ित है तो उसके अभिवावक को सावधानी बरतने के लिए कहें और स्कूल न भेजनें की सलाह दे। शिक्षकों के साथ साथ हॉस्टल वॉर्डन को भी इन सभी निर्देशों का पालन करने को बोला गया है। हॉस्टल वॉर्डन को निर्देश दिए गए है कि सदी-बुखार को होने पर सावधानी रखे।

अलग से ली जाए परीक्षा
बच्चों की परीक्षा अलग से ली जाए या बाद में परीक्षा लेने का प्रबंध किया गया। इसके साथ ही सर्दी-बुखार से पीड़ित सभी विद्यार्थी परीक्षा के दौरान मुंह पर मास्क पहनकर आएं। इसके साथ ही शिक्षकों को भी कहा गया है कि अगर वे सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित हों तो सावधानी रखें और स्कूल न आएं। इसके साथ ही हॉस्टल वॉर्डन के लिए भी बच्चों में सदी-बुखार को लेकर जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम
विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने आदेश जारी कर सभी जिलों के कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक को स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा है। स्कूली शिक्षा विभाग कोरोना वायरस के संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। बच्चों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

वायरस के प्रमुख लक्षण
डॉक्टरों का कहना है कि इस वायरस के प्रमुख लक्षण सर्दी, खांसी, बुखार, सिरदर्द, गले में खरास, छोटे बच्चों और बुजुर्ग व्यक्तियों में एवं ऐसे व्यक्तियों में जिनमें प्रतिरक्षण की क्षमता कम होती है। ये निमोनिया, ब्रोकाईटिस इत्यादि गंभीर बीमारियां उत्पन्न करता है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से हवा द्वारा, संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से जैसे छूने या हाथ मिलाने से, संक्रमित सामग्रियों के संपर्क में आने के बाद आंख या नाक छूने से फैलता है।

ये है बचाव
इससे बचाव के उपाय लिए संक्रमित व्यक्ति के निकट आने से बचें। अपने हाथ साबुन से बार बार धोते रहें, सामग्रियों के संपर्क में आने के बाद आंख या नाक को छूने से बचें। सामान्य सर्दी, खांसी, बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह लें एवं घर में आराम करें। बुखार, सर्दी, खांसी या सांस लेने में तकलीफ इत्यादि के लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या जिला अस्पताल में संपर्क करें तथा हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें।

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