11 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भोपाल के अधिकांश पार्को की हालात खराब, नगर निगम नहीं दिया ध्यान

-राजधानी के वार्ड 29 में 29 पार्क, लेकिन एक भी पार्क घूमने के लायक नहीं...

3 min read
Google source verification

भोपाल

image

Amit Mishra

Apr 25, 2019

news

भोपाल के अधिकांश पार्को की हालात खराब, नगर निगम नहीं दिया ध्यान

भोपाल. नगर निगम द्वारा शहर भर में नौनिहालों और बुजुर्गों को स्वच्छ वातावरण मुहैया करवाने के उद्देश्य से पार्क बनाए गए है,लेकिन अधिकांश पार्क बदहाली का शिकार हो गए हैं। नगर निगम उद्यान शाखा शहर में कुछ नए पार्क शामिल करने के बाद 116 पार्कों के सिवा वीआईपी रोड, लिंक रोड-1 व 2, होशंगाबाद रोड, प्रभात पेट्रोल पम्प से भोपाल रेलवे स्टेशन जाने वाली 80 फुट रोड के दोनों तरफ व सेंटर वर्ज पर हरियाली/फुलवारी लगाने का काम करती है।

पार्कों व सड़क किनारे और सेंटर वर्ज को डवलपमेंट/मेंटिनेंस पर खर्च करने के लिए उद्यान शाखा का सालाना बजट पांच करोड़ रुपए का बताया गया। नगर निगम के नए बोड्र्स के साथ नीचे ही सीपीए के छोटे बोर्ड लगे दिखाई दिए, जिनमें वर्ष 2017-18 के दौरान रोपित पौधों की संख्या भी दर्शायी गई है। हालांकि सीपीए के बोर्ड पर अंकित रोपित पौधे मौके पर नजर नहीं आ रहे। इनमें अधिकांश पौधे गायब हैं।

नहीं किया जा रहा मेंटेनेंस
10 नम्बर मार्केट के पास बने पार्क का निर्माण करवाकर जिम्मेदारों ने रखरखाव से पल्ला झाड़ लिया है। वार्ड 45 स्थित 10 नम्बर मार्केट शहर के सबसे पॉश और पुराने बाजारों में शुमार है। यहां कहने को तो उच्च लोग रहते हैं, लेकिन यहां बने पार्क के हालात कुछ ओर ही बयां कर रहे हैं। पार्क से महज ही 200 मीटर की दूरी पर जोन-9 का कार्यालय स्थित है। इस पार्क की सुध कोई नहीं ले रहा है। वर्षों से उपेक्षा के चलते मेंटेनेंस और देखरेख नहीं की गई है, जिसके परिणामस्वरूप पार्क में लगी बेंच धसने लगी हैं और झूले आदि नदारद हो चुके हैं।


शहीद मेजर अजय प्रसाद पार्क
गुलमोहर कॉलोनी में शहीद मेजर अजय प्रसाद की स्मृति में बनाया गया पार्क अतिक्रमण और बदहाली की चपेट में है। इस पार्क में कई सब्जी विक्रेताओं, ठेले और गुमठी वालों ने अपना सामान पटक रखा है। इस पार्क में हरियाली और फुलवारी विकसित करने की जगह शादी-समारोह, बर्थ-डे पार्टी आदि आयोजन किए जाते हैं। पार्क का मूल उद्देश्य ही खत्म कर दिया गया है।

गोपाल नगर पार्क
खजूरी कलां क्षेत्र में स्थित गोपाल नगर पार्क की हालत भी खराब है। यहां साढ़े तीन सौ से अधिक परिवार रहते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने इस पार्क का शुभारंभ कर फेंसिंग करवाई थी। पूर्व महापौर और वर्तमान में क्षेत्रीय विधायक कृष्णा गौर ने यहां झूले आदि लगवाने की बात कही थी। पौधे भी लगवाए गए थे। बाद में न पौधे बचे और न पार्क। अब यहां जानवर विचरण करते रहते हैं। यह पार्क अब गंदगी का पर्याय बन गया है।

महिला पार्क बना नहीं, दूसरा भी अधूरा
वार्ड 47 के पंचशील नगर में महिला पार्क बनाए जाने की कवायद शुरू की गई थी। इसमें स्थान ही चिन्हित किया गया है। इस पार्क से सौ मीटर आगे दूसरा पार्क बनाया जाना था, जिसमें हरियाली, झूला, बेंच आदि कुछ भी नहीं बनाया जा सका है। इसमें सिर्फ एक ट्रैक बनाकर इतिश्री कर ली गई है।

खड़े रहते वाहन
वार्ड 30 के हर्षवर्धन नगर पार्क में डीजे वाहनों का कब्जा है। इस पार्क में वार्ड कार्यालय भी स्थित है, लेकिन अतिक्रमण को अभी तक हटाया नहीं गया है।

नाम के हैं सभी 29 पार्क
यह भी एक अजब संयोग है कि नगर निगम के वार्ड 29 में पार्कों की संख्या भी 29 ही है। इतने पार्क होते हुए भी एक भी पार्क अभी तक घूमने के लायक नहीं है। स्थानीय पार्षद संतोष कसाना का कहना है कि उन्होंने पार्कों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए बहुत प्रयास किए, लेकिन एक भी पार्क ऐसा नहीं बन सका, जिसे पार्क कहा जाए।