
भोपाल। राज्य सरकार एक सितम्बर को दो हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष में सरकार को दूसरी बार कर्ज लेने की नौबत आई है। इसके पहले जुलाई माह में कर्ज लिया गया था। यह कर्ज दो हजार करोड़ रुपए का था। इसे दस साल के लिए था। एक माह बाद फिर से कर्ज लेने की स्थिति बन गई है। यह कर्ज पांच साल के लिए लिया जा रहा है।
कर्ज लेने के लिए सरकार ने बाण्ड जारी किए हैं। यह कर्ज सरकार खुले बाजार से लेगी। यह कर्ज वर्तमान में चल रही सरकारी योजनाओं को पूरा करने के लिए लिया जा रहा है। असल में कोरोनाकाल में सरकार की वित्तीय स्थिति पर ज्यादा असर पड़ा है। खर्चों में कटौती के साथ सरकार ने गैर जरूरी खर्चों पर रोक लगा दी थी, इसके बावजूद भी स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ। खजाने की स्थिति का असर राज्य के विकास कार्यों पर दिखने लगा। योजनाएं चलती रहें इसके लिए सरकार ने फिर से कर्ज लेने का निर्णय लिया है।
राज्य में ढाई लाख करोड़ का कर्ज-
प्रदेश में 2 लाख 53 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। यह राज्य के बजट से अधिक है। सरकार ने कर्ज लेने के लिए जारी बाण्ड में अपनी वित्तीय स्थिति भी बताई है। जिसमें कहा गया है कि राज्य के खजाने की स्थिति बेहतर है। पिछले बार की तुलना में इस बार अधिक राजस्व आय होगी।
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ऐसी है राज्य के खजाने की स्थिति -
बाजार से कर्ज - 154020.67 करोड़
बॉण्ड्स - 7360.45 करोड़
वित्तीय संस्थाओं से कर्ज - 10901.67 करोड़
कर्ज और केन्द्र सरकार से एडवांस - 31040.16 करोड़
अन्य देनदारियां - 20220.64 करोड़
राष्ट्रीय लघु बचत कोष - 29792.01 करोड़
Published on:
31 Aug 2021 01:00 am
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