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गांधी सागर बांध को सुरक्षित करने रामपुरा बांध की बढ़ेगी ऊंचाई

- 1322 फिट है रामपुरा बांध की ऊंचाई,अब होगी 1328 फिट - वर्तमान में इसकी दीवार चार मीटर चौड़ी है, जिसे 10 मीटर तक चौड़ी किया जाएगा

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भोपाल

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Ashok Gautam

Mar 03, 2022

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भोपाल। गांधी सागर बांध की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए उसके ऊपर स्थित रामपुरा गांव के बांध की ऊंचाई 6 फिट और बढ़ाई जा रही है। इसकी ऊंचाई बढ़ाने के लिए 13 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस व्यवस्था से तेज बारिश और बाढ़ के दौरान जिस फोर्स से गांधी सागर में पानी का दबाव बनता है उसे कम किया जा सकेगा। इसके अलावा ऊंचाई बढऩे से वहां स्थित कई गांवों को भी बाढ़ से बचाए जा सकेगा।
बांध की ऊंचाई बढ़ाने के साथ ही उसकी दीवार भी चौड़ी की जाएगी। वर्तमान में इसकी दीवार चार मीटर चौड़ी है, जिसे 10 मीटर तक चौड़ी किया जाएगा। इससे वहां से होकर वाहनों की आवाजाही भी सहज हो सकेगी। इससे बड़े वाहन भी गुजर सकेंगे, वहीं बांध के निर्माण और सुरक्षा के संबंध में अगर कोई भी चीज परिवहन करना है तो उससे होकर लाना और लेजान सहज हो सकेगा। बताया जाता है कि बाढ़ और तेज बारिश के दौरान इस बांध से ओवर फ्लो होकर पानी गांधी सागर बांध में सीधे जाता है।

इससे रामपुरा की बांध दीवार कटने लगी थी। इसके अलावा पानी का प्रेशर गांधी सागर बांध तक जाता है, जिससे उसकी सुरक्षा पर प्रभाव पडऩे की संभावना बनी रहती थी। अब रामपुरा बांध की ऊंचाई 1328 फिट की जा रही है, जो पहले 1322 फिट तक थी। गांधी सागर बांध की सुरक्षा को लेकर कैग ने भी सरकार के समक्ष आपत्ति उठाई थी। रामपुरा बांध और गांधी सागर बांध की दूरी 40 किमी है। बताया जाता है कि बांध की ऊंचाई बढ़ाने के संबंध में निविदा जारी कर दी गई है, निर्माण कार्य दो वर्ष के अंदर पूरा किया जा सकेगा।

मस्जिद बचाने बोहरा समाज ने बनाई थी दीवार
बताया जाता है कि रामपुर बांध दवार को बोहरा सामाज ने वर्षों पहले बनाया था। यह समाज एक वहां पर एतिहासिक एक मस्जिद को बचाने के लिए बनाई थी। इसके बाद से वहां पानी का भराव होने लगा। पानी भराव को देखते हुए जल संसाधान विभाग ने दीवार को चौड़ी करते हुए उसमें बड़ी दीवार बना दी और इसे बांध के स्वरूप में बदल दिया। इसमें भरे हुए पानी को लिफ्ट कराने के लिए मोटल लगा दिया गया है। अब दीबार को ऊंची करने के साथ ही इसमें भारी क्षमता की मोटर लगाई जा रही है, जिससे इसमें ओवर पानी को पंप के जरिए गांधी सागर बांध में भेजा जा सके।