
भोपाल। भारत भवन में तीन दिवसीय ‘शेक्सपियर समारोह’ के तहत रविवार को विलियम शेक्सपियर द्वारा लिखित नाटक ‘जूलियस सीजर’ का मंचन किया गया। इसमें मप्र नाट्स विद्यालय के 25 कलाकारों ने अभिनय किया। नाटक का परिकल्पना और निर्देशन केके राजन का रहा, उन्होंने बताया कि इस नाटक में मार्डन डिजाइन का उपयोग किया है। रोम के इमेजेस को पेंटिंग में बैकग्राउंड में यूज किया है। जिसमें समाज में बढ़ रहे अपराधों की पेंटिंग बनाई, वहीं इसमें एक व्यक्ति अंधे व्यक्ति को सडक़ पार करता दिखाया है जो इंसानियत को दर्शाता है। ये पेंटिंग किशोर डांगले ने तैयार की है।
सीन के अकॉर्डिंग बदल जाती है पेंटिंग
इस नाटक की खासियत यह रही कि मंच पर बैकग्राउंड सीन और सब्जेक्ट के अकॉर्डिंग पेंटिंग भी बदल जाती है, जो मार्डन इंटरपटेशन है। जबकि प्रकाश परिकल्पना कमल जैन ने किया है। उन्होंने कहा कि कैरेक्टर में षडय़ंत और तनाव को लाइटिंग से उभारा गया है।
जब लोकप्रियता बनी जान की दुश्मन
किसी व्यक्ति की लोकप्रियता ही उसकी जान की दुश्मन बन जाए, यह सिर्फ एक दुर्भाग्य ही है। इस नाटक में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। नाटक में दिन प्रतिदिन सीजर की जनसाधरण में बढ़ती लोकप्रियता कुछ लोगों की आंखों में खटकने लगी। माक्र्स बूट्स जो कि एक देशभक्त और जूलियस सीजर का दोस्त भी है। कैसियस एक लालची रईस है, जो अपनी व्यक्तिगत ईष्या, द्वेष के चलते ब्रूट्स को सीजर के राजा बनने की महत्वकांक्षा से भयभीत कर अपने साथ सीजर की हत्या के षडयंत्र में स िमलित कर लेता है। सीजर मार्च के मध्य के दिन संसद पहुंचता है। जहां कैसियस एवं उसके साथी मिलकर उसकी हत्या कर देते हैं।
कैसियस एक लालची रईस है, जो अपनी व्यक्तिगत ईष्या, द्वेष के चलते ब्रूट्स को सीजर के राजा बनने की महत्वकांक्षा से भयभीत कर अपने साथ सीजर की हत्या के षडयंत्र में स िमलित कर लेता है। सीजर मार्च के मध्य के दिन संसद पहुंचता है। जहां कैसियस एवं उसके साथी मिलकर उसकी हत्या कर देते हैं।
Published on:
30 Apr 2018 09:00 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
