
हमीदिया के स्पाइन इंजुरी सेंटर की प्रस्तावित जगह पर सर्जरी विभाग ने किया कब्जा
प्रवीण श्रीवास्तव, भोपाल
जमीनों पर अवैध कब्जे और विवाद के मामले तो अक्सर सामने हैं लेकिन हमीदिया अस्पताल में एक विभाग के वार्ड पर अस्पताल के ही दूसरे विभाग ने कब्जा कर लिया। इस वार्ड में गंभीर मरीजों के लिए अत्याधुनिक सेंटर बनाया जाना है। मामला हमीदिया अस्पताल में प्रस्तावित प्रदेश के दूसरे स्पाइन इंजूरी सेंटर से जुड़ा है। अस्थि रोग विभाग के इस सेंटर को हमीदिया अस्पताल की ओपीडी भवन के दूसरे और तीसरे माले पर जगह आवंटित की गई है। लेकिन यहां सर्जरी विभाग ने अपने वार्ड बना कर मरीजों के बिस्तर लगा दिए। गांधी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन दो बार सर्जरी विभाग को जगह खाली करने को कह चुका है लेकिन विभाग वहां से हटने को तैयार नहीं है। मालूम हो कि प्रदेश में सिर्फ जबलपुर मेडिकल कॉलेज में ही स्पाइन इंजुरी सेंटर है, लेकिन इसकी स्थिति बहुत खराब है।
नहीं तो लैप्स हो जाएगा फंड
जानकारी के मुताबिक पूरे सेंटर के लिए केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा 2.83 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसके लिए 49 लाख रुपए सेंटर के इंटीरियर के लिए हैं, बाकी के उपकरणों के लिए। जानकारी के मुताबिक मार्च में वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले अगर सेंटर का निर्माण नहीं हुआ तो पूरी राशि लैप्स हो जाएगी।
यह होता है सेंटर में
सड़क दुर्घटना में घायल होकर जो व्यक्ति स्पाइनल डिसऑर्डर या इससे जुड़ी अन्य परेशानी से ग्रसित होगा उसे यहां उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा मिलेगी। क्योंकि स्पाइनल इंजरी से पीडि़त होने के बाद रोगियों को लंबे तक अस्पताल में रहकर इलाज की जरूरत होती है।
स्पाइन सेंटर में 12 बेड का वार्ड होगा
जानकारी के अनुसार, स्पाइन सेंटर में 12 बेड का वार्ड होगा। इसमें 2 नर्स शिफ्ट के अनुसार मौजूद रहेंगी। इसमें स्पाइनल इंजरी के मरीजों को फि जियोथेरेपी और ऑक्यूपेशनल थेरेपी जैसे- स्पेशलाइज्ड सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर, कॉम्प्रिहेंसिव रिहेबलिटेशन, ऑर्थो एंड प्रोस्थेटिक डिपार्टमेंट एंड असिस्टिव टेक्नोलॉजी और टीचिंग एंड ट्रेनिंग जैसी सुविधा दी जाएंगी।
स्पाइन इंज्युरी के 8 क्लिनिक चलेंगे जिला अस्पतालों से केस रेफ र होंगे
सेंटर में स्पेशल ट्रेंड मेडिकल ऑफि सर, थेरेपिस्ट और नर्सों द्वारा ओपीडी संचालित किया जाएगा। इसके अलावा स्पाइनल इंज्युरी ऑर्थोपेडिक क्लिनिक, रिहेबलिटेशन मेडिसिन क्लिनिक, पीडियाट्रिक एससीआई क्लिनिक, स्पोट्र्स मेडिसिन क्लिनिक और ब्लाडर केअर क्लिनिक स्थापित किए जाएंगे। सेंटर में ऑन द स्पॉट और पुरानी स्पाइनल इंज्युरी की ट्रीटमेंट दी जाएगी। कर
हमने सर्जरी विभाग को दो बार पत्र लिखकर जगह खाली करने को कहा है। इसके बावजूद वे लोग जगह खाली नहीं कर रहे।
डॉ. टीएन दुबे, डीन, गांधी मेडिकल कॉलेज
Published on:
11 Jan 2020 01:00 am
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