2 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पेड़ काटा तो बजेगा सायरन, पकड़ा जाएगा चोर

मार्गों पर लगेंगे इलेक्ट्रॉनिक बैरियर

2 min read
Google source verification
Forests will be monitored by drones for prevention of animal hunting

wireless set,wireless set,Forests will be monitored by drones for prevention of animal hunting

अशोक गौतम, भोपाल. मध्यप्रेदश सरकार जंगलों में अवैध कटाई रोकने के लिए पड़ों पर मैगनेटिक चिप लगाने जा रही है। अभी यह फॉर्मूला शॉपिंग मॉल में इस्तेमाल होता है। वनों में दूसरी तरफ सड़कों के किनारे वही रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन मशीनें लगाई जाएंगी, जो मॉल के गेट पर लगी रहती हैं। कोई पेड़ काटकर सड़क से गुजरेगा तो मशीनों का सायरन बजने लगेगा। मध्यप्रदेश संभवत: देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जहां वनों की अवैध कटाई रोकने के लिए तरीका अपनाया जाएगा।
वन विभाग प्रयोग के तौर पर इस तरह की पेड़ों पर मैगनेटिक चिप भोपाल और उसके आस-पास के जंगलों में लगाएगा। अच्छे परिणाम आने पर इसे प्रदेश में सभी जंगलों में लगाया जाएगा। विभाग ने इसका हाल ही में वन मंत्री उमंग सिंघार और एसीएस केके सिंह के सामने प्रजेंटेशन दिया गया है। सिंघार ने इसकी प्रारंभिक स्वीकृति दे दी है।

- चिप की कीमत 40 रुपए
यह नुस्खा वन विभाग को थोड़ा महंगा पड़ सकता है। एक चिप की कीमत लगभग 30 से 40 रुपए बताई जा रही है। एक पेड़ में तीन-चार चिप लगाई जाएंगी। ऐसे में पूरे जंगल के पेड़ों पर चिप लगाने का खर्च अरबों में बैठ सकता है। एक चिप की दूसरी चिप से दूरी दो मीटर के आस-पास रखी जाएगी। पेड़ों से चिप निकालना लोगों के लिए मुश्किल होगा, क्योंकि यह जमीनी सतह से कम से कम छह फीट ऊपर पेड़ के तने में छेद करके फिट की जाएगी। वन विभाग का दावा है कि चिप का स्थान आसानी से पता नहीं लगाया जा सकेगा।
- कैसे काम करेगा यह सिस्टम
पेड़ों की अवैध कटाई कर व्यक्ति जैसे ही पेड़ उठाकर सड़क पर पहुंचेंगेे, वैसे ही रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन मशीन से चिप की तरंगे मिल जाएंगी। इससे मशीन का सायरन बज जाएगा। कंट्रोल रूम में अलार्म भी बजने लगेगा। अलर्ट पाते ही वन विभाग का अमला नाकाबंदी कर लकड़ी चोर को पकड़ सकेगा। कंट्रोल कमांड डीएफओ, सीसीएफ तथा प्रदेश में स्थापित आइटी सेंटर में होगा। इसका एक सिस्टम बीट गार्ड को भी दिया जाएगा, जिससे वह अलार्म बजने पर सक्रिय हो जाए।
- बीट गार्ड की जैकेट में भी होगा सिस्टम
बीट गार्ड की जैकेट में भी रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन मशीनें लगाई जाएंगी। बीट गार्ड जंगल के रास्तों से इस जैकेट को पहनकर गश्त करेंगे, जिससे ट्रैक्टर अथवा छोटे वाहनों से पेड़ों का अवैध परिवहन को रोका जा सके।
- 53 हजार से अधिक प्रकरण दर्ज
वनों की अवैध कटाई के पिछले साल 53 हजार प्रकरण दर्ज किए गए थे। इसमें अवैध उत्खनन के करीब 1700 प्रकरण थे। सबसे ज्यादा वनों की अवैध कटाई भोपाल, ग्वालियर और खंडवा वन मंडल में होती है।

वनों की अवैध कटाई रोकने के लिए पेड़ों पर चिप लगाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। पेड़ों में कहां मैगनेटिक चिप लगाई जाए, कंपनियां चिप कितने में देगी, इस संबंध में अभी चर्चा चल रही है।
- जेके मोहंती, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख