भोपाल

शहर में 60 से ज्यादा बड़ी और 700 स्थानों पर बैठती हैं छोटी झांकी, पांच से सात लाख लोग आते हैं दर्शन करने

15 से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र, शहर में 60 से ज्यादा बड़ी और 700 स्थानों पर बैठती हैं छोटी झांकी, पांच से सात लाख लोग आते हैं दर्शन करने - बिजली सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं, पिछले साल ही बैरागढ़ और करोद में हो चुके हैं हादसे, दो की हो चुकी है मौत

2 min read
Oct 08, 2023
बिजली सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं, पिछले साल ही बैरागढ़ और करोद में हो चुके हैं हादसे, दो की हो चुकी है मौत

भोपाल. शारदीय नवरात्र शुरू होने में अब चंद दिन शेष बचे हैं। शहर में कई जगह पर जहां बड़े पंडाल लगाए जाते हैं वहां पर तैयारियां शुरू हो गईं हैं। गरबों के अलग-अलग पंडाल लगेंगे। शहर में ही बिट्टन मार्केट, विजय मार्केट, इंद्रपुरी, न्यू मार्केट, कोटरा सुल्तानाबाद, टीला, दस नंबर मार्केट, करोद सहित करीब 60 स्थानों पर छह से पंद्रह फीट तक की बड़ी मूर्तियां स्थापित की जाती हैं। वहीं छोटे पंडाल शहर में करीब 700 से ज्यादा स्थानों पर बनाए जाते हैं। नवरात्र के नौ दिनों में इन पंडालों में पांच से सात लाख की भीड़ दर्शन के लिए आती है। लेकिन इनकी सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं होते हैं। यहां तक की इनके लिए जरूरी अनुमति से लेकर विभाग के इंस्पेक्टर तक जांच नहीं करते हैं। पिछले नवरात्र में ही बैरागढ़, करोद में अलग-अलग हादसों में दो लोगों की करंट लगने से मृत्यु हो गई थी।

इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर डिपार्टमेंट

पंडाल, सिनेमाघर से लेकर बहुमंजिला इमारतों, मेले व इसी तरह के अन्य आयोजनों में जहां लोगों की भीड़ जाती है, वहां आगजनी न हो, किसी को करंट न लगे। इसकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी है। इसका दफ्तर सतपुड़ा भवन में है। लेकिन ये विभाग काेई काम नहीं करता। हाल में गणेशात्सव की करीब दो हजार झांकियों के पंडाल लगाए थे, खूब विद्युत सज्जा की थी, लेकिन जांच एक में भी की।

ये कहता है नियम- कोई भी झांकी, गरबा पंडाल हाईटेंशन लाइन के नीचे नहीं बनेगा, अगर आस-पास लाइन है तो वह दस से पंद्रह मीटर दूर लगेगा।

- झांकी या पंडाल का इलेक्ट्रिक ऑडिट कराना होगा, इसमें कोई तार जमीन पर नहीं पड़ा होना चाहिए, कोई तार कटा फटा नहीं हो।- जहां से लोगों का आना-जाना होता है उस रास्ते पर नीचे से भी तार नहीं डालें, उसे घुमाकर दूसरी तरफ से लाया जाए।

- अगर कोई बिजली से चलने वाला यंत्र है और उसमें चिंगारी निकलती है तो उसे जनता से पांच से सात फीट दूर रखा जाए।- झांकियों के लिए अलग से अस्थाई कनेक्शन लेना अनिवार्य है, कई बार मेन तार में जंपर डालकर सीधे तार डाले जाते हैं।

2017 को नाटिफिकेशन:

- शासन ने 27 मई 2017 को इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर इलेक्ट्रिकल इंसपेक्टर डिपोर्टमेंट के निरीक्षकों को इसकी जिम्मेदारी दी है। इनका काम सिनेमाघर, बहुमंजिला इमारत, उपभोक्ताओं की संस्थापनाएं जैसे अस्थाई पांडाल, लिफ्ट, एक्सकेलेटर की जांच करना है।

इनका कहना

- विद्युत सुरक्षा बनाए रखने के लिए अलग विभाग है। ये अपना काम करते हैं, स्थानीय स्तर पर कैसे इनकी एक्टिविटी बढ़े इस दिशा में हम काम कर रहे हैं। नवरात्र को लेकर इनको दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।

- संजय दुबे, पीएस ऊर्जा

Published on:
08 Oct 2023 10:57 pm
Also Read
View All

अगली खबर