
भोपाल. मध्यप्रदेश में पिछले 15 दिनों से बारिश नहीं होने से हालात बिगड़ने लगे थे। प्रदेश के अन्नदाता की उम्मीदें मुर॒झाने लगी है। हालांकि रविवार से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां शुरू होने से उम्मीद फिर जागी है। मौसम विभाग ने सोमवार से प्रदेश के रीवा, दमोह, सागर,छतरपुर, बैतूल, रतलाम, आगर, नीमच मंदसौर, अशोकनगर और श्योपुर में कहीं-कहीं भारी की संभावना जताई है।
मोसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार तक मानसून की सामान्य बारिश के मामले में 32 जिले रेड जोन में पहुंच गए हैं। एकमात्र सिंगरोली में सामान्य से बेहतर बारिश हुई है। बुंदेलखंड के दमोह, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी में सूखे जैसी स्थिति है। यहां सामान्य से 60% तक कम बारिश है।
इस साल समय से पहले मानसून के आने और शुरुआत में अच्छी बारिश होने से 24 जून तक 6 जिलों में सामान्य से कम बारिश थी। भोपाल में सीजन में पहली बार बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे चला गया है। 1 जून से 18 जुलाई तक सामान्य स्तर के हिसाब से 331.3 मिमी बारिश होनी थी, लेकिन यह इससे 45 मिमी कम है। एक पखवाड़े से अधिक समय से लगभग पूरे मध्यप्रदेश में मानसून की सक्रियता नहीं होने से हालात बिगड़ते जा कर रहे हैं।
Published on:
19 Jul 2021 08:16 am
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