
9 साल में बना चुकीं एक हजार फ्लेवर
शिखा जैन बताती हैं कि 9 साल से चॉकलेट का बिजनेस कर रही हूँ और अभी तक एक हजार फ्लेवर बना चुकी हूं। स्पाइसेस शुगर फ्री, कोकोनट केलरल, फलारी चॉकलेट और केक भी बनाती हूँ। मैं स्पाइसेस की चॉकलेट भी बनाती हूं ये क्योंकि वे हेल्थ के लिए अच्छी होती क हैं। उसे किसी भी ऐज ग्रुप के लोग क खा सकते हैं। सिरमन चॉकलेट की शि काफी डिमांड है। विदेश में मिलने वाली चॉकलेट को मैंने ट्राई किया है चॉकलेट की सीमित मात्रा हर ऐज ग्रुप को एक्टिव रखती है।
6 साल पहले शुरु किया बिजनेस
दिव्या राजपूत ने बताया बेकर्स बनने का शौक बचपन से था। जयपुर से कोर्स किया और 6 साल पहले बेकरी का बिजनेस शुरू किया 35 फ्लेवर की चॉकलेट बना रही हूं। सोशल मीडिया व माउथ पब्लिसिटी के जरिए शहर व पैन इंडिया से भी ऑडर आने लगे हैं। मेरा फोकस फेस्टिवल पर ज्यादा रहता है।
मौसम के हिसाब से बनाती हूं फ्लेवर
बैशाखी सक्सेना बताती हैं, सबसे पहले मैंने एयर होस्टेस में जॉब की, उसके बाद 5 साल एक होटल में काम किया। फिर मैंने अपना बिजनेस शुरू करने का प्लान बनाया। इसके चलते तीन साल पहले बिना ट्रेनिंग के लव शुगर बेक से शुरुआत की। अभी 20 से ज्यादा फ्लेवर बना रही हूँ चॉकलेट में सीजनल फ्रूट ऐड कर डिफरेंट टेस्ट तैयार करती हूँ। दुकान से ज्यादा लोगों को होम बेकर्स पसंद आने लगे हैं। क्योंकि वे काफी दिनों तक फ्रेश रहती हैं।
डार्क चॉकलेट हेल्थ के लिए फायदेमंद:
मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अनिल सेजवार बताते हैं लिमिटेड मात्रा में डार्क चॉकलेट खाना हेल्थ के लिए अच्छा होता है। इसमें फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक, मैंगनीज त मौजूद होता है। इसके अलावा पोटेशियम, फास्फोरस और सेलेनियम की भी भरपूर मात्रा होती है। डार्क चॉकलेट में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं।
Published on:
07 Jul 2023 07:15 pm
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